Last Updated: 04 Jul 2020 04:40 AM

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  • वेस्टइंडीज के ब्रेथवेट ने कहा- खिलाड़ियों का घुटना टेकना सिर्फ दिखावा, रंगभेद के खिलाफ मजबूत कानून बनाने की सबसे ज्यादा जरूरत

    वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कार्लोस ब्रेथवेट ने कहा कि रंगभेद के विरोध को लेकर खिलाड़ियों का घुटने टेकना सिर्फ दिखावा है। इस भेदभाव को समाज से खत्म करने के लिए मजबूत कानून बनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। हाल ही में अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद दुनियाभर में खिलाड़ियों ने मैदान पर घुटने के बल बैठकर रंगभेद के खिलाफ विरोध जताया है। विरोध का यह एक सिंबोल बन गया है।

    वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच 8 जुलाई से 3 टेस्ट की सीरीज खेली जानी है। इसके साथ ही कोरोनावायरस के बीच करीब 3 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो रही है। इस सीरीज में रंगभेद के खिलाफ अभियान को सपोर्ट करने के लिए वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाड़ी ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो वाली टी-शर्ट पहनेंगे।

    समाज की मानसिकता में बदलाव की जरूरत
    ब्रेथवेट के हवाले से बीबीसी ने लिखा, ‘‘मैदान पर घुटने टेकना या फिर बैज लगाना ही काफी नहीं है। अब मानसिकता में बदलाव लाना होगा। मेरे हिसाब से यह एक दिखावा है। एक बड़े तौर पर बदलाव के लिए कानून में बदलाव करना होगा। समाज में भी लोगों को मानसिकता बदलने की जरूरत है।’’

    काले व्यक्ति को लोग हमेशा गलत ही मानते हैं
    ब्रेथवेट ने कहा, ‘‘जब हम किसी सुपरमार्केट में काले व्यक्ति को देखते हैं, तो हम खुद ही सोच लेते हैं कि वह गलत व्यक्ति होगा। इसके बाद गार्ड आता है और उसे बाहर निकाल देता है। यह एक बड़ा मुद्दा है कि क्यों हमारी सोच इतनी छोटी है। इस पर चर्चा करने की बजाय हम घुटने टेक देते हैं।’’

    ऑर्चर की सफलता ने कई लोगों के लिए रास्ते खोले

    बारबाडोस केजोफ्रा आर्चर इंग्लैंड के लिए स्टार गेंदबाज बनकर उभरे हैं। इस पर ब्रेथवेट ने कहा कि उसकी सफल ने दुनियाभर में मौजूद उसके जैसे कई जोफ्रा आर्चर के लिए रास्ते खोल दिए हैं। इंग्लैंड ने 2019 वर्ल्ड कप खिताब जीता था। टूर्नामेंट में आर्चर टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित हुए थे। उन्होंने फाइनल में सुपर ओवर फेंका था।

    26 मई को फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था
    अमेरिका के मिनेपोलिस में 26 मई को धोखाधड़ी के एक मामले में फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान एक पुलिस अफसर ने फ्लॉयड को सड़क पर ही गिरा दिया था और अपने घुटने से उसकी गर्दन को करीब 8 मिनट तक दबाए रखा। इस कारण उसकी मौत हो गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

    आईसीसी ने खिलाड़ियों का सपोर्ट किया
    फ्लॉयड की मौत के बाद दुनियाभर के खेल जगत में भी रंगभेद के खिलाफ विरोध शुरू हो गया था। वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर, डेरेन सैमी, क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो समेत कई खिलाड़ियों ने भी विरोध जताया। इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने भी इन खिलाड़ियों का सपोर्ट किया था।



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    कार्लोस ब्रेथवेट (बाएं) ने कहा- समाज में मानसिकता बदलने की जरूरत है। हाल ही में इंग्लैंड के क्लब लिवरपुल के खिलाड़ियों ने घुटने के बल बैठकर रंगभेद का विरोध जताया था (दाएं)। -फाइल फोटो

  • पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन ने कहा- मनोहर ने भारतीय क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया, अब वे भाग गए

    पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा कि शशांक मनोहर ने बतौर आईसीसी चेयरमैन रहते भारतीय क्रिकेट को काफी नुकसान पहुंचाया। आईसीसी में बोर्ड के महत्व को भी घटाया। मनोहर ने बुधवार को आईसीसी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह इमरान ख्वाजा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है। इंग्लैंड के कोलिन ग्रेव्स नए चेयरमैन की रेस में सबसे आगे हैं।

    श्रीनिवासन ने कहा कि उनके इस्तीफा देने से भारतीय क्रिकेट में शामिल सभी लोग खुश हैं। आईसीसी इवेंट को लेकर भी वे हमारे खिलाफ थे। लेकिन वे अब आईसीसी से भाग गए, क्योंकि उन्हें पता था कि वे अब भारतीय नेतृत्व का कुछ नहीं कर सकते।

    मनोहर को अपने कार्यकाल की समीक्षा करना चाहिए
    बीसीसीआई के पूर्व सचिव निरंजन शाह ने कहा कि अब वे आराम के दौर में होंगे और इस दौरान उन्हें बतौर आईसीसी चेयरमैन अपने कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि उनके कार्यकाल के दौरान बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट का कितना नुकसान हुआ है। शाह ने कहा, ‘बीते कुछ सालों में बीसीसीआई ने काफी कुछ झेला है। आईसीसी ने इस दौरान भारत में क्रिकेट और बीसीसीआई को हुए नुकसान का फायदा उठाया है।’

    भारत में 2021 और 2023 में दो बड़े इवेंट होंगे
    भारत में आईसीसी के दो बड़े इवेंट 2021 में टी-20 और 2023 में वनडे वर्ल्ड कप होना है। टैक्स छूट को लेकर पिछले दिनों खबर आई थी कि भारत से 2021 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी छिनी जा सकती है।



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    श्रीनिवासन (बाएं) ने कहा- शशांक मनोहर (दाएं) के इस्तीफा देने से भारतीय क्रिकेट में शामिल सभी लोग खुश हैं। आईसीसी इवेंट को लेकर भी भारत के खिलाफ थे। -फाइल फोटो

  • वेस्टइंडीज के साथ इंग्लैंड टीम भी टेस्ट सीरीज में ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो वाली टी-शर्ट पहनेगी, आईसीसी की मंजूरी

    वेस्टइंडीज की तरह इंग्लैंड टीम भी टी-शर्ट पर ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का लोगो लगाकर सीरीज खेलेगी। दोनों टीमों के बीच 3 टेस्ट की सीरीज का पहला मैच 8 जुलाई से खेला जाएगा। आईसीसी ने इसकी मंजूरी पहले ही दे दी है।

    इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि अश्वेत समुदाय के साथ एकजुटता दिखाई जाए। समानता और न्याय को लेकर जरूरी जागरूकता पैदा की जाए।’ उन्होंने कहा कि इस काम में इंग्लैंड के खिलाड़ी और मैनेजमेंट एकजुट है, जहां भी नस्लवादी पूर्वाग्रह मौजूद है उसे हटाने के उद्देश्य से हम अपना समर्थन देंगे।

    क्रिकेट इतिहास में यह बड़ा बदलाव
    विंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने इसे बड़ा बदलाव बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इसके खिलाफ मजबूत से आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। सभी को जागरुकता के लिए मदद करना चाहिए। यह खेल, क्रिकेट और वेस्टइंडीज टीम के इतिहास में बड़ा बदलाव है। हम यहां इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने आए हैं, लेकिन इसके साथ दुनिया में चल रहे बराबरी और न्याय की लड़ाई में भी साथ दे रहे हैं।’’

    फुटबॉल मैचों में भी ऐसी ही टी-शर्ट पहनी गई थी
    इसी तरह की लोगो वाली टी-शर्ट इस महीने की शुरुआत में फिर से शुरू हुई प्रीमियर लीग के सभी 20 फुटबॉल क्लबों की टीमों के खिलाड़ियों ने पहनी थी। ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ लोगों को ग्राफिक्स डिजाइनर अलीशा होसान्ना ने तैयार किया है, जिनके पार्टनर ट्रॉय डेनी वाटफोर्ड फुटबॉल क्लब के कप्तान हैं।

    टी-शर्ट के कॉलर पर लगेगा लोगो
    ट्रॉय डेनी ने इस लोगों वाली टी-शर्ट की मंजूरी के लिए दोनों क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी और सीडब्ल्यूआई) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से संपर्क किया था। ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का लोगो खिलाड़ियों की टी-शर्ट के कॉलर पर लगा होगा।



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    वेस्टइंडीज टीम के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा- किसी भी सीरीज से पहले एंटी-डोपिंग और एंटी-करप्शन के साथ एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

  • श्रीलंका के कप्तान रहे संगकारा से 10 घंटे पूछताछ, उनके सपोर्ट में क्रिकेट बोर्ड के ऑफिस के बाहर लोगों का प्रदर्शन

    आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2011 फाइनल में फिक्सिंग के मामले में श्रीलंका के कप्तान रहे कुमार संगकारा से गुरुवार को करीब 10 घंटे पूछताछ हुई। पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामागे के आरोप के बाद स्पेशल टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगकारा के समर्थन में लोगों ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।

    फैंस का कहना है कि गलत आरोप लगाकर संगकारा समेत अन्य खिलाड़ियों को परेशान किया जा रहा है। पिछले दो दिन में 2011 में मुख्य चयनकर्ता रहे अरविंद डीसिल्वा और फाइनल के ओपनर उपुल थरंगा से पूछताछ हो चुकी है। फाइनल में शतकीय पारी खेलने वाले महेला जयवर्धने को भी बुलाया गया है। वर्ल्ड कप के बाद संगकारा ने टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था।

    डी सिल्वा ने बीसीसीआई से जांच करने को कहा
    महिंदानंद के आरोपों के बाद डी सिल्वा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से भी फिक्सिंग की जांच कराने की अपील की थी। डी सिल्वा ने कहा था- बीसीसीआई की जांच में मेरी जरूरत होगी तो मैं भारत आने को तैयार हूं।

    भारत 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता था
    2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड चैम्पियन बनी थी। इस मैच में श्रीलका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए थे। महेला जयवर्धने ने 103, कुमार संगकारा ने 30 और कुलशेखरा ने 40 रन बनाए थे।

    गंभीर ने 97 और धोनी ने नाबाद 91 रन बनाए थे

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही थी। लसिथ मलिंगा ने सचिन और सहवाग को जल्दी आउट कर दिया था। बाद में गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी ने मोर्चा संभाला। गंभीर 97 पर आउट हो गए लेकिन तब तक भारत जीत तक पहुंच चुका था। धोनी 91 और युवराज सिंह 21 रन बनाकर नाबाद रहे थे। धोनी ने कुलशेखरा की गेंद पर विजयी छक्का लगाया था।



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    2011 वर्ल्ड कप फाइनल में दोबार टॉस हुआ था। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहली बार में कुमार संगकारा की आवाज नहीं सुन पाए थे। दूसरी बार में भी संगकारा ही टॉस जीते थे।

  • कई फेडरेशनों के लिए नेशनल चैम्पियनशिप कराना अब और भी मुश्किल, सरकार की मदद का दोगुना खर्च आता था, अब डेढ़ गुना और बढ़ेगा

    कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में खेल जगत को भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। भारत में कई ऐसे स्पोर्ट्स फेडरेशन हैं, जिन्हें नेशनल चैम्पियनशिप के लिए लोकल स्पॉन्सर्स भी नहीं मिल रहे हैं। स्विमिंग, आर्चरी, फेंसिंग और जूडो समेत कई फेडरेशन हैं, जो चैम्पिनयशिप के लिए लोकल स्पॉन्सर्स पर ही डिपेंड रहते हैं। क्योंकि, खेल मंत्रालय से इन्हें एक टूर्नामेंट के लिए जो राशि मिलती है, वह खर्च की आधी से भी कम रहती है।

    इन फेडरेशन के सामने दूसरी समस्या यह है कि कोरोना के कारण हर एक टूर्नामेंट में करीब डेढ़ गुना खर्च और बढ़ जाएंगे। मंत्रालय की नई एसओपी यानी गाइडलाइंस पर भी अतिरिक्त खर्चे बढ़ेंगे। जैसे- खिलाड़ियों की हर टूर्नामेंट से पहले कोरोना जांच करानीहोगी। पहले होटल के एक रूम में 5 से 6 खिलाड़ी रहते थे, अब एक ही खिलाड़ी को रुकने की मंजूरी होगी।

    लोकल उद्योगपति और व्यापारी करते हैं मदद
    क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन और टेनिस जैसे खेलों को छोड़ दें तो भारत में ज्यादातर खेल फेडरेशन लोकल स्पॉन्सर्स की मदद से ही टूर्नामेंट करा पाते हैं। यह स्पॉन्सर उद्योगपति, व्यापारी और कई संस्थाएं हैं, जिनकी कोरोना के कारण आर्थिक हालत खराब चल रही है।

    लोकल स्पॉन्सर्स तलाश रहे फेडरेशन
    कोरोना के चलते देश में अभी बॉडी कॉम्बैट-कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स (जूडो, कुश्ती, कराते, बॉक्सिंग और ताइक्वांडो) समेत कई खेलोंकी प्रैक्टिस अभी शुरू नहीं हुई है। जिन खेलों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है, वे अब नेशनल चैम्पियनशिप के लिए विंडो और लोकल स्पॉन्सर्स तलाशने में जुटे हैं।

    इस फाइनेंशियल ईयर में चैम्पियनशिप कराना मुश्किल
    स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सेक्रेटरी मोनल चौकसी ने भास्कर से कहा- इस फाइनेंशियल ईयर में चैम्पियनशिप कराना बहुत मुश्किल है। स्विमिंग का तो अभी नेशनल कैंप भी शुरू नहीं हो पाया है। यदि सरकार की मंजूरी के बाद स्विमिंग पूल जुलाई तक खुल भी जाते हैं, तो दिसंबर तक नेशनल चैम्पियनशिप कराने पर विचार किया जा सकता है। चौकसी ने बताया कि सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में 600 स्विमर शामिल होते हैं। जबकि सब-जूनियर और जूनियर नेशनल टूर्नामेंट में 1500 से ज्यादा खिलाड़ी भाग लेते हैं।

    सीनियर चैम्पियनशिप में 12 से 15 लाख रुपए का खर्च
    किसी भी स्पोर्ट्स की एक सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप कराने में 12 से 15 लाख रुपए का खर्च आता है। जबकि सब-जूनियर और जूनियर चैम्पियनशिप में करीब 25 से 30 लाख रुपए खर्च आता है। यह खर्च शहर (जहां चैम्पियनशिप होना है) के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है। वहीं, खेल मंत्रालय की तरफ से सभी फेडरेशन को टूर्नामेंट के लिए फिक्स पैसा दिया जाता है। सीनियर चैम्पियनशिप के लिए 5 लाख, सब-जूनियर के लिए 7 और जूनियर नेशनल टूर्नामेंट के लिए 10 लाख लाख रुपए दिए जाते हैं।

    पिछली सीनियर फेंसिंग चैम्पियनशिप का खर्च 30 लाख रुपए आया था
    फेंसिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) के जनरल सेक्रेटरी बसीर खान ने भास्कर से कहा- पिछले साल दिल्ली में हुई सीनियर नेशनल फेंसिंग चैम्पियनशिप में 600 एथलीट्स शामिल हुए थे। करीब 30 लाख रुपए खर्च आया था। एसोसिएशन ने लोकल स्पॉन्सर की मदद से इस चैम्पियनशिप को आसानी से करा लिया था, लेकिन अब खर्च बढ़ने से परेशानी होगी। स्पॉन्सर तलाशना भी मुश्किल होगा।

    कोरोना की जांच करानेके पैसे भी नहीं
    जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (जेएफआई) के महासचिव मनमोहन जायसवाल ने कहा- नेशनल चैम्पियनशिप को टाल दिया गया है। यदि कोरोना जल्दी कंट्रोल नहीं हुआ तो इस साल टूर्नामेंट होना मुश्किल है। सीनियर चैम्पियनशिप में 700 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल होते हैं। जूनियर में 1000 से ज्यादा संख्या होती है। ऐसे में सभीफेडरेशन के पास खिलाड़ियों के कोरोना टेस्ट का पैसा भी नहीं है।

    कोरोना गाइडलाइंस के चलतेचैम्पियनशिप के दिन बढ़ेंगे
    आर्चरी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) के सेक्रेटरी प्रमोद चांडुलकर ने कहा- आर्चरी नेशनल चैम्पियनशिप को नवंबर में कराने का प्लान है, लेकिन खर्च काफी बढ़ गए हैं। स्पॉन्सर भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में टूर्नामेंट का होना मुश्किल लग रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना की सभी गाइडलाइंस कासख्ती से पालन करना है। इस कारण अब चैम्पियनशिप ज्यादा दिनों की होगी।

    खिलाड़ियों पर अब ज्यादा खर्चे होंगे
    उन्होंने कहा- होटल के एक रूम में एक ही खिलाड़ी को रुकना है। साथ ही खिलाड़ियों को स्टेशन से रूम और फिर ग्राउंड तक ले जाने के लिए एक्स्ट्रा बस का इंतजाम करना होगा। स्पोर्ट्स किट से लेकर सभी चीजों को सैनिटाइज करना होगा। ऐसे में टूर्नामेंट के खर्चे डेढ़ गुना और बढ़ जाएंगे।



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    Coronavirus Impact In Indian Sports: Local Sponsors Away From Swimming, Archery, Fencing And Judo

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  • ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्वकप का होना मुश्किल: इरफान पठान


    भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप के आयोजन को लेकर आशंका जताई है। स्टॉर स्पोट्स के कार्यक्रम क्रिकेट कनेक्टड में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज पठान ने कहा, ऑस्ट्रेलिया में होने वाले विश्व कप को लेकर काफी लोग चर्चा कर रहे हैं, लेकिन इसके आयोजन पर मेरे अपने संदेह हैं। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि इसे ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होना है और मैं वहां रहा हूं।इरफान ने कहा, ऑस्ट्रेलिया में लोग विशेष रूप से अपने नियमों का पालन करते हैं। वहां छोटा से छोटा नियम भी बनाए आदर्शों पर चलता है। वे प्रत्येक स्थिति को भली-भांति समझकर ही कोई कदम उठाते हैं। खेल और क्वारंटीन के नियमों को देखकर मुझे यह बहुत मुश्किल लग रहा है।क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के अध्यक्ष अर्ल एडिग्स ने मंगलवार को कहा था कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण टी-20 वल्र्ड कप का आयोजन अवास्तविक और अंसभव है। 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होने वाले टूर्नामेंट के बारे में आईसीसी को फैसला लेना है जिसने पिछले हफ्ते अपनी बोर्ड बैठक में विश्व कप पर फैसला जुलाई तक टाल दिया है। आईसीसी बोर्ड में हिस्सा लेने वाले एडिग के अनुसार समय काफी तेजी से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाले 16 देशों में से कई देश अभी भी महामारी के चपेट में हैं। टूर्नामेंट का आयोजन कराना बहुत मुश्किल है और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसके लिये आईसीसी को अन्य विकल्प सुझाये हैं।

  • चीन के खिलाफ हरभजन सिंह ने संभाला मोर्चा! एक बात कहते ही लगी मिर्ची


    लद्दाख की गलवान वैली में 20 भारतीय सैनिकों की जान लेने वाले चीन के खिलाफ हरभजन सिंह उतर चुके हैं। भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद देश भर में चीन विरोधी माहौल है। चीनी सामान के बहिष्कार का आह्वान किया जा रहा है। लेकिन अब इसी मुहिम में महान भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी सभी चीनी सामानों पर बैन लगाने के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है।हरभजन की यह बात चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स को पसंद नहीं आई। उसे यह बात काफी बुरी लगी कि आखिर क्यों कोई भारतीय सेलिब्रिटी चीन के सामान के बहिष्कार की बात कर रहा है। हरभजन की यह बात चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स को पसंद नहीं आई। उसे यह बात काफी बुरी लगी कि आखिर क्यों कोई भारतीय सेलिब्रिटी चीन के सामान के बहिष्कार की बात कर रहा है। शुक्रवार को हरभजन सिंह ने फिर एक बार ट्वीट किया। इस बार उन्होंने हिंदी में लिखा- शरीर एवं राष्ट्र.... दोनों को स्वस्थ रखने का एक ही उपाय है,चीनी बन्द शरीर के लिए देसी गुड़* और राष्ट्र के लिए देसी Goods दिल्ली मेरठ रैपिड रेल नेटवर्क के लिए चीनी कंपनी को दिया गया ठेका रद्द कर दिया है। इसके साथ ही भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने भी अपने 4जी अपग्रेडेशन के लिए चीनी उत्पादों का इस्तेमाल न करने का फैसला किया है।

  • त्रिपुरा की अंडर-19 महिला क्रिकेटर अयंती ने दुनिया को कहा अलविदा, घर में फंदे से लटकी मिली लाश


    त्रिपुरा की अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी अयंती रियांग अपने घर पर मृत मिली। 16 साल की यह क्रिकेटर मंगलवार रात अपने घर में फांसी पर लटकी मिली। मौत के कारण को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है।चार भाई-बहनों में सबसे छोटी अयंती पिछले एक साल से त्रिपुरा की अंडर-19 महिला टीम की सदस्य थीं और वह राज्य की ओर से अंडर-23 आयु वर्ग के टी20 टूर्नमेंट में भी खेली थीं।वह रियांग जनजाति से ताल्लुक रखती हैं और राजधानी अगरतला से लगभग 90 किमी उदयपुर के तेनानी गांव की रहने वाली हैं। त्रिपुरा क्रिकेट संघ के सचिव तिमिर चंदा ने अयंती के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि राज्य ने एक प्रतिभावान खिलाड़ी को खो दिया।

  • धोनी और विराट में तुलना पर गंभीर का बड़ा बयान, कह दी ऐसी बात


    पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर का मानना है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र ङ्क्षसह धोनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली की तुलना करना काफी कठिन है क्योंकि दोनों ही अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं। गंभीर ने स्टार स्पोट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में एक साक्षात्कार के दौरान लक्ष्य का पीछा करने की दृष्टि से कौन बेहतर होगा, इस सवाल के जवाब में यह बात कही। गंभीर ने कहा कि विराट तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं जबकि धोनी छठे अथवा सातवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं इसलिए दोनों की तुलना करना बहुत कठिन है। यदि धोनी शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करते, इस सवाल पर गंभीर ने कहा, संभवत विश्व क्रिकेट ने एक महत्वपूर्ण चीज खोई है और वह है धोनी का तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी नहीं करना। यदि धोनी ने भारतीय टीम की कप्तानी नहीं की होती और तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी की होती तो शायद दुनिया को बिलकुल अलग तरह का खिलाड़ी देखने को मिलता। ऐसा कर धोनी ने ढेरों रन बनाए होते और कई रिकॉर्ड तोड़े होते। यदि धोनी ने भारत की कप्तानी नहीं की होती और तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करते तो वह विश्व में सबसे रोमांचक क्रिकेटर होते।लेकिन पूर्व भारतीय आलराउंडर इरफान पठान की राय अलग है और उनका मानना है कि धोनी के पास शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करने का विकल्प मौजूद था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पठान ने कहा, धोनी के पास तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यदि हम तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने को लेकर विराट और धोनी की तुलना करते हैं। तो मैं मानता हूं कि विराट के पास बेहतर तकनीक मौजूद है। मैं धोनी को कम नहीं आंक रहा हूं, निश्चित रूप से वह क्रिकेट के लीजेंड रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति की अपनी अलग राय होती है। मैं हमेशा विराट को चुनना पसंद करूंगा।जूझारू बल्लेबाज रहे गंभीर ने कहा, संभवत: मैं धोनी को चुनना पसंद करूंगा। सपाट पिचों पर धोनी का तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करना और अब विश्व क्रिकेट में जिस तरह की गेंदबाजी का स्तर है। श्रीलंका, बंगलादेश, वेस्टइंडीज की टीम की ओर देखने से लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मौजूदा स्तर के हिसाब से धोनी ने कई रिकॉर्ड तोड़े होते।

  • क्रिकेट प्रेमियों को लगा तगड़ा झटका, BCCI ने आखिरकार ले ही लिया ऐसा बड़ा फैसला


    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कहा है कि अगस्त में 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम जिम्बाब्वे का दौरा नहीं करेगी। वहीं श्रीलंका क्रिकेट ने कहा था कि भारत के साथ जून में प्रस्तावित सीमित ओवरों की सीरीज कोरोना वायरस के कारण स्थगित कर दी गई है।बीसीसीआई ने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका और जिम्बाब्वे का दौरा नहीं करेगी। भारतीय टीम को 24 जून से श्रीलंका में 3 वनडे और इतने ही मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी थी। वहीं, 22 अगस्त से जिम्बाब्वे में उसे 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी थी। बीसीसीआई ने इससे पहले, 17 मई को एक बयान जारी कहा था कि बाहर प्रशिक्षण करने को लेकर पूरी तरह से सुरक्षित होने के बाद ही बोर्ड अपने अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण के लिए कैम्प का आयोजन करेगी। एसएलसी ने एक बयान में कहा था, भारत का जून में श्रीलंका का प्रस्तावित दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो पाएगा। बीसीसीआई ने श्रीलंका क्रिकेट को बताया है कि कोविड 19 महामारी की वजह से मौजूदा हालात में ये क्रिकेट सीरीज करना संभव नहीं है, जिसमें तीन मैचों की वनडे और इतने ही मैचों की टी 20 सीरीज खेली जानी थी। एसएलसी ने बीबीसीसीआई से अनुरोध किया था कि दौरे को तय कार्यक्रम पर किया जाए। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से 17 मई को कहा था कि जून में श्रीलंका का दौरा असंभव होगा।

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