Last Updated: 20 Aug 2019 07:37 PM

India Top Stories

Lokmat Samachar

bhaskar

  • श्रीसंत को मिली आजीवन प्रतिबंध की सजा 7 साल हुई, अगस्त 2020 में फिर खेल सकेंगे

    खेल डेस्क. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेटर एस. श्रीसंत (36) पर लगे आजीवन प्रतिबंध को घटाकर 7 साल कर दिया है। यह प्रतिबंध अगस्त 2020 में खत्म होगा। यह फैसला बीसीसीआई के लोकपाल रिटायर्ड जस्टिस डीके जैन ने लिया है। आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के चलते 13 सितंबर 2013 को बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था।

    1. सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च को तेज गेंदबाज पर लगे आजीवन प्रतिबंध को समाप्त कर दिया था। अदालत ने बीसीसीआई लोकपाल से तीन महीने के भीतर श्रीसंत की सजा का पुन:निर्धारण करने के लिए कहा था। मामले कोजस्टिस डीके जैन ही देख रहे थे।

    2. लोकपाल ने कहा कि श्रीसंत 6 साल की सजा काट चुके हैं। वे अपनी तीस साल की उम्र पार कर चुके हैं। अब उनकी सजा कम कर देनी चाहिए। अगले साल उनकी सजा खत्म हो जाएगी, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे इस उम्र में क्रिकेट में वापसी कर पाएंगे।

    3. श्रीसंत पर मई 2013 में आईपीएल के एक मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। तब वे आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल रहे थे। हालांकि, श्रीसंत ने इन सभी आरोपों को गलत बताया था।

    4. दिल्ली पुलिस ने मई 2013 में श्रीसंत के साथ उनकी टीम के साथी अंकित चह्वाण और अजीत चंदेलिया को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    5. श्रीसंत ने अपने क्रिकेट करियर में अब तक 27 टेस्ट में 37.59 की औसत से 87 विकेट, जबकि 53 वनडे में 33.44 की औसत से 75 विकेट हासिल किए। इसके अलावा तेज गेंदबाज ने 10 अंतरराष्ट्रीय टी-20 में 41.14 की औसत से 7 विकेट लिए।



      1. Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
        एस. श्रीसंत। -फाइल फोटो

      2. दिव्यांग सत्येंद्र ने 11 घंटे 33 मिनट में कैटलीना चैनल पार कर रिकॉर्ड बनाया, ऐसा करने वाले पहले एशियाई

        खेल डेस्क. भारतीय पैरा स्विमर सत्येंद्र सिंह लोहिया(32) ने अमेरिका में 42 किलोमीटर लंबे कैटलीना चैनल को पार कर नया इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वे एशिया के पहले दिव्यांग तैराक हैं। सत्येंद्र की टीम में पांच अन्य खिलाड़ी थे। टीम ने कैटालिना चैनल को 11 घंटे 33 मिनट के समय में पार किया है। सत्येंद्र मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं।

        सत्येंद्र ने सोमवार सुबह 10.57 बजे से सेंट कैटलीना आइसलैंड से तैरनाशुरू किया था, जो देर रात 10:30 बजे लॉस एंजिल्स में खत्म हुआ। इसके पहले वह 2017 में इंग्लिश चैनल पार कर चुके हैं। तब भी ऐसा करने वाले वह देश के पहले पैरा स्विमर बने थे। भिंड जिले के गाता गांव के रहने वाले सत्येंद्रने गांव की वेसली नदी में तैराकी सीखी। वह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं।

        ग्वालियर में तैराकी को हुनर बनाया
        ग्वालियर में सत्येंद्र ने तैराकी की तकनीक सीखी और फिर इसे अपना हुनर बना लिया। वर्तमान में वह इंदौर में सरकारी नौकरी कर रहे हैं। इससे पहले सत्येंद्र ने पहले नेशनल तैराकी में बाजी मारी थी। उन्हें मध्यप्रदेश के विक्रम अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

        कैटलीना चैनल पार करना बेहद मुश्किल
        सत्येंद्र ने कहा था कि कैटलीना चैनल पार करना बेहद मुश्किल है। दिन में चलने वाली तेज हवाओं से बचने के लिए रात में तैराकी शुरू करनी पड़ती है। इसमें गहराई का भी अंदाज नहीं लगता और भी कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन सत्येंद्र ने इन सभी चुनौतियों को पारकर सफलता का नया कीर्तिमान रच दिया है।



        Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
        कैटलीना चैनल पार करने वाले पैरा स्विमर सत्येंद्र ने बनाया रिकॉर्ड।
        सत्येंद्र सिंह लोहिया।
        सत्येंद्र सिंह अपनी पैरा स्विमिंग टीम के साथ।

      3. बराक ओबामा की हाई स्कूल की 39 साल पुरानी बास्केटबॉल जर्सी 85 लाख रु. में बिकी

        न्यूयॉर्क. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की बास्केटबॉल जर्सी रविवार को85.40 लाखरुपए(120000 अमेरिकी डॉलर)में बिकी। यहजानकारी हेरिटेज ऑक्शन हाउस ने दी। 23 नंबर की इस जर्सी को ओबामा ने 1978 से 1979 के बीच18 साल की उम्र में स्कूल में पहना था।इस जर्सी को उनके स्कूल के जूनियर 55 साल के पीटर नोबल ने ऑक्शन के लिए रखा था।

        बिकने से पहले जर्सी की कीमत 100000 लाख डॉलर थी।इसके लिए करीब 27 बोलियां लगाई गईं।इसे अमेरिकी और खेल कलाकृतियों के संग्रहकर्ता ने खरीदा है। हालांकि, उसने नाम का खुलासा नहीं किया। ओबामा ने इसे हवाई के पुनाहौ हाई स्कूल में सीनियर थे, तब पहना था। पूर्व राष्ट्रपति का बास्केटबॉल बेहद पसंदीदा खेल रहा है। वह व्हाइट हाउस में भी अपने स्टाफ, सेलिब्रिटीज और रिश्तेदारों के साथ अपने कार्यकाल के दौरान कई बार इस खेल को खेलते देखे गए।

        राशि स्कूल को दान देंगे

        पीटर नोबलपुनाहौ हाई स्कूल में ओबामा से तीन ग्रेड पीछे थे। पीटर भी हाई स्कूल बास्केटबॉल टीम के हिस्सा रहे और उन्होंने इस 23 नंबर की जर्सी को पहना। ऐसा बताया जा रहा है कि वे ऑक्शन में मिली राशि का कुछ हिस्सा स्कूल को दान देंगे।



        Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
        Former President Barack Obamas High School Basketball Jersey Sold

      4. पाक क्रिकेटर हसन अली और भारत की सामिया से आज करेंगे निकाह, प्री वेडिंग शूट कराया

        खेल डेस्क. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली आज दुबई में सामिया आरजू से शादी करने जा रहे हैं। सामिया मूल रूप से भारत के हरियाणा की रहने वाली हैं। लेकिन, फिलहाल वो पैरेंट्स के साथ दुबई में रहती हैं। उनके कुछ परिजन दिल्ली में भी रहते हैं। सामिया और हसन ने शादी के पहले प्री वेडिंग फोटो शूट कराया। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सामिया एक एयरलाइन कंपनी में इंजीनियर हैं। पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस वक्त ट्रेनिंग कैम्प में व्यस्त है। सिर्फ लेग स्पिनर शादाब खान इस निकाह में शामिल होंगे। हसन अली संभवत: अगले महीने पाकिस्तान में शादी की दावत देंगे।

        इस बार तस्वीर सच्ची
        हसन अली और सामिया की शादी की खबरें पहली बार पिछले महीने सामने आईं थीं। उस दौरान हसन ने खुद मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि सामिया की जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, वो फर्जी हैं यानी उनकी होने वाली पत्नी की नहीं हैं। अब प्री वेडिंग के कुछ फोटोग्राफ सामने आए हैं। इनमें हसन और सामिया नजर आ रहे हैं। यह फोटो शूट दुबई की कुछ फेमस लोकेशंस जैसे जुमैरा बोर्ड वॉक, अटलांटिस, बुर्ज खलीफा और बुर्ज अल अरब पर किया गया है।

        हसन ने ट्वीट भी किया
        सोमवार रात हसन अली ने एक ट्वीट किया। इसमें वो हरे रंग के कुर्ते और सफेद पायजामे में नजर आ रहे हैं। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “बैचलर के तौर पर आखिरी रात।” सामिया के बारे में ज्यादा जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन खुद हसन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी भावी पत्नी को क्रिकेट में न तो दिलचस्पी है और न उन्हें इस खेल के बारे में कोई जानकारी है। ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, हसन और सामिया की पहली मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए पिछले साल दुबई में ही हुई थी। इस पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने अब तक 9 टेस्ट और 53 वनडे खेले हैं।



        Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
        प्री वेडिंग शूट के दौरान सामिया और हसन अली।

      5. बराक ओबामा की हाई स्कूल की 39 साल पुरानी जर्सी 85 लाख रुपए में बिकी

        न्यूयॉर्क. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की बास्केटबॉल जर्सी सोमवार को 85.86 लाखरुपए(120000 अमेरिकी डॉलर)में बिकी। यहजानकारी हेरिटेज ऑक्शन हाउस ने दी। 23 नंबर की इस जर्सी को ओबामा ने 1979 में18 साल की उम्र में स्कूल में पहना था।

        बिकने से पहले जर्सी की कीमत 100000 लाख डॉलर थी।इसके लिए करीब 27 बोलियां लगाई गईं।इसे अमेरिकी और खेल कलाकृतियों के संग्रहकर्ता ने खरीदा है। हालांकि, उसने नाम का खुलासा नहीं किया। ओबामा ने इसे हवाई के पुनाहौ हाई स्कूल में सीनियर थे, तब पहना था। उस वक्त ओबामा हवाई मेंरहते थे। पूर्व राष्ट्रपति का बास्केटबॉल बेहद पसंदीदा खेल रहा है। वह व्हाइट हाउस में भी अपने स्टाफ, सेलिब्रिटीज और रिश्तेदारों के साथ अपने कार्यकाल के दौरान कई बार इस खेल को खेलते देखे गए।



        Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
        Former President Barack Obamas High School Basketball Jersey Sold

Amar ujala

NavBharat Times

Nai Dunia

Deshbandhu

Dabang Dunia

Jansatta

livehindustan

indiatvnews

abpnews

prabhasakshi

khaskhabar

dailynews360

  • हिमा दास ने फिर किया कमाल, 300 मीटर रेस जीतकर देश की झोली में डाला छठा गोल्ड मेडल


    भारतीय महिला धावक हिमा दास एक के बाद एक करके लगातार गोल्ड मेडल देश की झोली में डालती जा रही है। जुलाई माह में लगातार पांच गोल्ड जीत चुकी हिमा ने अब छठा गोल्ड मेडल भी जीत लिया है। उन्होंने यह मेडल चेक रिब्लिक में 17 अगस्त को आयोजित 300 मीटर रेस Athleticky Mitink Reiter 2019 में जीता है। इसी के साथ वो दो महीने में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 6 गोल्ड मेडल जीत चुकी है। इस बारे में खुद हिमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी दी है तथा तस्वीरें शेयर की हैं।आपको बता दें कि​ हिमा दास इसी के साथ अब तक लगातार 6 गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। धिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हो चुकी हिमा ने असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद करते हुए उनकी सहायता हेतु देश के लोगों को आगे आने का आह्वान भी किया था। यहां हम आपको बता रहे हैं कि हिमा ने कब और किस रेस में पहले पांच गोल्ड मेडल जीते थे—

    — हिमा ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय गोल्ड मेडल 2 जुलाई को पौलेंड में आयोजित Poznan Athletics Grand Prix 200m race में जीता था। यह रेस उन्होंने 23.65 सेकेंड में पूरी की थी। — धिंग एक्सप्रेस ने अपना दूसरा मेडल 7 जुलाई को पौलेंड में ही Kutno Athletics Meet में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकेंड में पूरा करते हुए जीता था। — हिमा ने तीसरा मेडल 13 जुलाई को चेक रिपब्लिक में आयोजित Kladno Memorial Athletics Meet आयोजित रेस को 23.43 सेकेंड में पूरा करते हुए जीता था। — धिंग एक्सप्रेस ने चौथा गोल्ड चेक रिपब्लिक में ही 17 जुलाई को आयोजित Tabor Athletics Meet में 200 मीटर रेस को 23.25 सेकेंड में पूरा करते हुए जीता था। — हिमा ने पांचवा गोल्ड मेडल चेक रिपब्लिक में आयोजित 400 मीटर रेस को 52.09 सेकेंड में पूरा करते हुए जीता था।— हिमा ने छठा गोल्ड मेडल अब चेक रिब्लिक में 17 अगस्त को आयोजित 300 मीटर रेस Athleticky Mitink Reiter 2019 में जीता है।

  • World boxing championship के लिए भारत की 10 सदस्यीय महिला टीम घोषित, 5 बॉक्सर कर रही हैं डेब्यू


    छह बार की वर्ल्ड चैम्पियन एमसी मैरी कॉम (51 किग्रा) और सरिता देवी (60 किग्रा) समेत कुल 10 मुक्केबाजों को एआईबीए वुमेन्स वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। आगामी टूनार्मेंट के लिए खिलाड़ियों का चयन करने के उद्देश्य से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में तीन दिनों तक चला ट्रायल गुरुवार को समाप्त हुआ, जिसके बाद खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की गई। छह बार की वर्ल्ड चैम्पियन मैरी कॉम (51 किग्रा) और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी लोवलिना बोरगोहेन (69 किग्रा) को उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बिना ट्रायल दिए टीम में चुन लिया गया।हालांकि, 51 किग्रा वर्ग में ट्रायल न होने से 23 वर्षीय मुक्केबाज निखत जरीन नाराज नजर आई और उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) को इसके बारे में पत्र भी लिखा था। इंडिया ओपन में स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरज (57 किग्रा) और जामुना बोरो (54 किग्रा) को टीम में शामिल किया गया है। 75 किग्रा वर्ग में एशियाई चैम्पियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता पूजा रानी को मात देकर स्वीटी बोरा ने टूनार्मेंट का टिकट कटाया। इसके अलावा, 48 किग्रा वर्ग में मंजू रानी और 64 किग्रा में मंजू बोमबोरिया भारत की ओर से रिंग में उतरेंगी। नंदिनी को 81 किग्रा और कविता चहल को प्लस 81 किग्रा वर्ग में टीम में शामिल किया गया। भारतीय टीममंजू रानी (48 किग्रा), मैरी कॉम (51 किग्रा), जमुना बोरो ( 54 किग्रा), नीरज (57 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), मंजू बॉम्बोरिया (64 किग्रा), लवलीना बोगोर्हेन (69 किग्रा), स्वीटी बूरा (75 किग्रा), नंदिनी (81 किग्रा) और कविता चहल (81 प्लस किग्रा)।

  • जानिए, ओलंपिक के बाद मीराबाई चानू क्यों बनी विलेन, चली गई थीं डिप्रेशन में


    भारत की विश्व चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू आज अपना जन्मदिन मना रही है। इंफाल से 20 किलोमीटर दूर नोंग्पोक काकचिंग गांव में 8 अगस्त 1994 को हुआ था। बता दें कि मौजूदा विश्व चैंपियन मीराबाई चानू पिछले साल नवंबर में विश्व चैंपियनशिप में 48 किलो भारवर्ग में 194 (85 किग्रा+109 किग्रा) का भार उठा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 196 किग्रा (86 किग्रा+110 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। कई उपलब्धियों को अपने नाम करने वाली मणिपुर की चानू एक बार बहुत बड़ी निराशा हाथ लगी थी। जब वे ओलपिंक जैसे मुकाबले में अपना खेल पूरा ही नहीं कर पाईं थी। यह किसी भी खिलाड़ी के मनोबल को तोड़ने वाली घटना होती है।डिप्रेशन में चलीं गई मीराबाईसाल 2016 में भारत की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के लिए ऐसा ही हुआ था। ओलंपिक में अपने वर्ग में मीरा सिर्फ दूसरी खिलाड़ी थीं, जिनके नाम के आगे ओलंपिक में लिखा गया था डिड नॉट फिनिश। जो भार मीरा रोजाना प्रैक्टिस में आसानी से उठा लिया करतीं, उस दिन ओलंपिक में जैसे उनके हाथ बर्फ की तरह जम गए थे। उस समय भारत में रात थीं, तो बहुत कम भारतीयों ने वो नजारा देखा। सुबह उठ जब भारत के खेल प्रेमियों ने खबरें पढ़ीं तो मीराबाई रातों रात भारतीय प्रशंसकों की नजर में विलेन गईं। नौबत यहां तक आई कि 2016 के बाद वो डिप्रेशन में चली गईं और उन्हें हर हफ्ते मनोवैज्ञानिक के सेशन लेने पड़े। इस असफलता के बाद एक बार तो मीरा ने खेल को अलविदा कहने का मन बना लिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जबरदस्त वापसी की। वैसे 4 फुट 11 इंच की मीराबाई चानू को देखकर अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि देखने में नन्ही सी मीरा बड़े बड़ों के छक्के छुड़ा सकती हैं।जब मीराबाई ने नहीं खाया खाना48 किलोग्राम के अपने वजन से करीब चार गुना ज्यादा वजन यानी 194 किलोग्राम उठाकर मीरा ने पिछले साल वर्ल्ड वेटलिफ़्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। पिछले 22 साल में ऐसा करने वाली मीराबाई पहली भारतीय महिला बन गई थीं। 48 किलो का वजन बनाए रखने के लिए मीरा ने उस दिन खाना भी नहीं खाया था। 8 अगस्त 1994 को जन्मी और मणिपुर के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी मीराबाई बचपन से ही काफी हुनरमंद थीं। बिना खास सुविधाओं वाला उनका गांव इंफाल से कोई 200 किलोमीटर दूर था।पीठ दर्द से भी रही हैं परेशानबता दें कि मौजूदा विश्व चैंपियन मीराबाई इस साल मई से पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से जूझ रही हैं। जब दर्द से आराम मिला, तो उन्होंने मुंबई में अभ्यास शुरू किया, लेकिन फिर से दर्द शुरू हो गया। इसलिए वे एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाएंगी। पीठ दर्द से परेशान मीराबाई ने इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को पत्र लिखकर आराम देने का आग्रह किया था। वह ओलंपिक क्वालिफायर के लिए खुद को तैयार करना चाहती थी।

  • FIFA वर्ल्ड कप: पूर्वोत्तर के चार खिलाड़ी पेश करेंगे चुनौती, जीत पर होगी भारत की नजर


    भारतीय फुटबाॅल टीम के कोच इगोर स्टीमाॅक ने भारतीय टीम की 35 नामों की घोषणा की है। जिसमें पुर्वोत्तर राज्य मिजोरम व असम के दो-दो खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। कोच ने जानकारी ये जानकारी एक ट्वीट के जरिए दी है। जिसमें सभी नामों को लिखा गया है। ये सभी खिलाड़ी गोवा में होने वाले ट्रेनिंग कैंपों में हिस्सा लेंगे। जिन 35 खिलाड़ियों को अभ्यास सत्र के लिए चुना गया है उनमें असम से हालीचरण नारजारे व विनीत राय व मिजोरम से जेरी लालरिनजुआला एवं लाललियांजुएला चांग्टे हैं। ये अभ्यास सत्र गोवा में 20 अगस्त से शुरू होगी। ओमान से मैच होने से पहले टिम क्वालिफायर मैच का भी आयोजन किया जाएगा। जिसका आयोजन 5 सितंबर 2019 को इंदिरा गांधी एथलेटिक्स स्टेडियम गुवाहाटी में आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारतीय टीम ओमान से खेलेगी। सभी प्रतियोगिता का आयोजन 2022 में फिफा विश्व कप की तैयारियों को देखकर किया जा रहा है। संभावित खिलाड़ी इस प्रकार हैंगोलकीपर-गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, कमलजीत सिंह, विशाल कैथडिफेंडर-राहुल भेके, निशु कुमार, प्रीतम कोटाल, अनस एडाथोडिका, संदेश झिंगन, अनवर अली (जूनियर), नरेंद्र गहलोत, सार्थक गोलूई, आदिल खान, सलाम रंजन सिंह, सुभाशीष बोस, जेरी लालरिंजुआला, मंडार राव देसाईमिडफील्डर-निखिल पुजारी, उदांता सिंह, अनिरुद्ध थापा, रेनियर फर्नांडीस, विनीत राय, सहल अब्दुल समद, अमरजीत सिंह, प्रणॉय हल्धर, रोलिन बोर्गेस, ब्रैंडन फर्नांडिस, लाललियांजुएला चांग्टे, हालीचरण नारजारे, आशिक कुरुयन फॉरवर्ड-बलवंत सिंह, सुनील छेत्री, जोबी जस्टिन, फारुख चौधरी, मनवीर सिंह

  • जब 86 किलो वजन उठाकर मीराबाई चानू ने तोड़ा था अपना ही रिकॉर्ड, देखें वीडियो


    भारत की विश्व चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू आज अपना जन्मदिन मना रही है। इंफाल से 20 किलोमीटर दूर नोंग्पोक काकचिंग गांव में 8 अगस्त 1994 को हुआ था। गरीब परिवार में जन्मी मीराबाई 6 भाई बहनों में सबसे छोटी हैं। चानू ने 12 साल की उम्र में ही अपने हुनर का परिचय दे दिया था। आज चानू के जन्मदिन के मौके पर आपको बता दें कि गोल्ड कोस्ट में कैसे उन्होंने अपना ही रिकाॅर्ड तोड़ा था। दो बार तोड़ा अपना रिकॉर्डचानू ने 2018 में गोल्ड कोस्ट में खेले गए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में 86 किलोग्राम वजन उठाकर दो बार अपनी ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया था, जबकि पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में चानू ने दो पदक हासिल किए। इससे पहले वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। चानू ने की मल्लेश्वरी की बराबरीकर्णम मल्लेश्वरी के बाद चानू वर्ल्ड चैम्पियन बनने वालीं दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने यह एचीवमेंट नवंबर 2017 में हासिल किया था। तब उन्होंने 194 किग्रा (स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा) वजन उठाया था।2014 कॉमनवेल्थ में जीता था सिल्वरमीरा बाई चानू ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स जो कि 2014 ग्लास्गो में खेले गए थे उसमे चानू ने 48 किलो वर्ग में देश के लिए रजत पदक जीता था। पिछले कॉमनवेल्थ में 48 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड और सिल्वर दोनों ही मेडल भारत के नाम रहे थे। उस वक्त महज 20 साल की रहीं संजीता चानू ने भारत की ही मीराबाई चानू को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।मणिपुर की ‘पावरवुमन’ का संघर्ष मीराबाई चानू ने मणिपुर की महिला वेटलिफ्टर कुंजुरानी देवी को देखकर इस खेल में करियर बनाने का सोचा। चानू ने साल 2007 में जब प्रैक्टिस शुरू की तो उनके पास वजन उठाने के लिए लोहे की रॉड नहीं थी, जिसके बाद उन्होंने बांस से ही प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया। ट्रेनिंग के लिए वे रोजाना 50-60 किलोमीटर दूर जाया करती थीं। इसके बाद 11 साल की उम्र में वे अंडर-15 और 17 साल में जूनियर चैम्पियन बनीं। चानू ने 31 अगस्त, 2015 में रेलवे ज्वाइन की। वे वहां सीनियर टिकट कलेक्टर के पद पर हैं। बेहतरीन खेल के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

samacharjagat

dainiksaveratimes