Last Updated: 28 Oct 2020 08:03 AM

India Top Stories

bhaskar

  • नवरात्रि में देवी मां के साथ ही गणेशजी, सोलह मातृका, लोकपाल, नवग्रह, पंचदेव और वरुण देव की भी पूजा जरूर करें

    रविवार, 25 अक्टूबर को नवरात्रि की अंतिम तिथि नवमी है। इस तिथि पर देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए की गई विशेष पूजा बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करने वाली मानी गई है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए दुर्गा पूजा करते समय किन बातों का ध्यान खासतौर पर रखना चाहिए...

    नवरात्रि में मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ बोए जाते हैं। वेदी पर सोने, तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है। कलश पर भी सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी या पत्थर की देवी मूर्ति या चित्र की स्थापना की जाती है। इन्हें जवारे कहा जाता है। इनकी पूजा विशेष रूप से करनी चाहिए।

    अगर मूर्ति न हो तो कलश के पीछे स्वास्तिक और उसके दोनों ओर त्रिशूल बनाकर दुर्गाजी का चित्र, पुस्तक या शालिग्राम को विराजित कर भगवान विष्णु का पूजन करें।

    देवी पूजा में स्वस्तिवाचन, शांतिपाठ करके पूजा का संकल्प करने का करना चाहिए। सबसे पहले गणेश पूजा करें। सोलह मातृका, लोकपाल, नवग्रह, पंचदेव और वरुण देव की भी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।

    देवी पूजा किसी ब्राह्मण से करवाएंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। ब्राह्मण द्वारा पूजा करवाने पर कोई भी गलती होने की संभावनाएं बहुत कम रहती हैं।

    दुर्गा की पूजा में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का पूजन करें। श्री दुर्गासप्तशती का पाठ भी करना चाहिए।

    नवरात्रि की अष्टमी तिथि यानी 24 अक्टूबर को किसी छोटी कन्या का सुंदर श्रृंगार अपने हाथों से किया जाए तो देवी मां की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है। इस दिन कन्या के पैरों पर चावल, फूल और कुंकुम लगाना चाहिए। इस दिन कन्या को भोजन कराएं या भोजन के लिए धन का दान करें।

    देवी दुर्गा की पूजा करने वाले भक्त को साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इन दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन करें और आलस्य का त्याग करें। सुबह जल्दी उठें और देवी पूजा करें।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
    navratri puja vidhi, how to offer worship to goddess durga, durga puja vidhi, navratri navami on 25 october

  • रावण और अंगद का प्रसंग की सीख, 14 अवगुण व्यक्ति को बर्बाद कर सकते हैं, इनसे बचना चाहिए

    गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस के लंकाकांड में श्रीराम अपनी वानर सेना के साथ लंका पहुंच गए थे। उस समय श्रीराम ने अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा था। दरबार में रावण और अंगद के बीच संवाद होता है। इस संवाद में अंगद ने रावण को 14 ऐसे अवगुण बताए हैं, जिन्हें छोड़ देना चाहिए, वरना सबकुछ बर्बाद हो जाता है।

    अंगद रावण से कहते हैं कि -

    कौल कामबस कृपिन बिमूढ़ा। अति दरिद्र अजसी अति बूढ़ा।।

    सदा रोगबस संतत क्रोधी। बिष्नु बिमुख श्रुति संत बिरोधी।।

    तनु पोषक निंदक अघ खानी। जीवत सव सम चौदह प्रानी।।

    अर्थ: वाम मार्गी यानी दुनिया से उलटा चलने वाला, कामी, कंजूस, अत्यंत मूर्ख, अति दरिद्र, बदनाम, बहुत बूढ़ा, नित्य रोगी, हमेशा क्रोध में रहने वाला, भगवान से विमुख, वेद और संतों का विरोधी, अपना ही पोषण करने वाला, निंदा करने वाला और पाप कर्म करना, ये 14 बुराइयां जल्दी से जल्दी छोड़ देनी चाहिए, वरना सबकुछ बर्बाद हो जाता है।

    ये है पूरा प्रसंग

    इस प्रसंग में श्रीराम ने अंगद को अपना दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा था। जैसे ही अंगद ने रावण के नगर में प्रवेश किया, उसकी भेंट रावण के एक पुत्र से हुई। दोनों की बीच लड़ाई हुई, जिसमें अंगद विजयी हो गया। अंगद जब रावण के दरबार में पहुंचा तो उसने रावण को बालि के बारे में बताया। बालि का नाम सुनते ही रावण थोड़ा असहज हो गया था।

    अंगद ने रावण से कहा कि वह श्रीराम से युद्ध न करें। सीता माता को सकुशल लौटा दे, इसी में सभी का कल्याण है। लेकिन, रावण अपने अहंकार में था। उसने अंगद की बातें नहीं मानी। तब अंगद ने रावण से कहा था कि जिन लोगों में 14 बुराइयां होती हैं, वे जीते जी मृत समान होते हैं।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
    Ravana and Angad's learning of the affair, shriram charit manas, ravana and angad in lanka, lanka kand, ramayana

  • स्वच्छता से खुश होती हैं देवी, अष्टमी और नवमी पर व्रत-उपवास से ही मिल सकता है पूरे नवरात्र का फल

    17 अक्टूबर से शुरू हुए नवरात्र 25 तारीख तक रहेंगे। इन दिनों देवी की उपासना हर तरह से की जाती है। इसमें खास चीजों की मदद से विशेष पूजा, व्रत-उपवास, त्याग और तप किया जाता है। धर्म ग्रंथों के जानकार काशी के पं. गणेश मिश्र का कहना है कि इस दौरान देवी आराधना को सफल बनाने के लिए स्वच्छता का खास ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्र में हर दिन व्रत-उपवास न रख पाएं हो तो सिर्फ अष्टमी और नवमी पर ही व्रत करने से पूरे नवरात्र का फल मिल सकता है। इन दिनों में तामसिक भोजन और हर तरह के नशे से दूर रहना चाहिए।

    स्वच्छता और पवित्रता से प्रसन्न होती हैं देवी
    नवरात्र में देवी पूजा के दौरान बाहरी और अंदरूनी, दोनों तरह से सफाई जरूरी होती है। इन दिनों में अंदरूनी सफाई के लिए व्रत-उपवास, प्राणायाम और ध्यान करने के साथ ही मन पर नियंत्रण रखने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से मन नहीं भटकता और मानसिक पाप नहीं होते। जिससे अंदरूनी सफाई बनी रहती है। बाहरी स्वच्छता के लिए घर में गंदगी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही हर दिन घर में गंगाजल और गौ मूत्र का छिड़काव करना चाहिए। जिन घरों में स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है वहां समृद्धि आती है।

    अष्टमी और नवमी पर व्रत-उपवास
    नवरात्रि में देवी दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मार्कंडेय पुराण का कहना है कि इन दिनों में निराहर यानी बिना कुछ खाए देवी की पूजा करनी चाहिए। हालांकि कई लोगों के लिए ये मुश्किल होता है। इसलिए सिर्फ अष्टमी या नवमी पर इस तरह से कठिन तप और पूजा की जा सकती है। ऐसा करने से पूरे नवरात्र की पूजा का विशेष फल मिल सकता है। कुछ लोग दोनों दिन भी व्रत-उपवास करते हैं। अष्टमी और नवमी पर किए गए व्रत-उपवास से तन और मन की शुद्धि तो होती ही है साथ ही देवी की कृपा से मनोकामना पूरी हो जाती है।

    देवताओं ने भी किया था मां का पूजन
    मार्कंडेय पुराण के मुताबिक देवताओं ने भी 9 दिनों तक देवी की विशेष पूजा की थी। देवराज इंद्र ने राक्षस वृत्रासुर का वध करने के लिए मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की। यही नहीं भगवान शिव ने त्रिपासुर दैत्य के वध के लिए मां भगवती की पूजा की। जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने मधु-कैटभ नामक दोनों असुरों का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा की। वाल्मीकि रामायण में भी शक्ति पूजा का जिक्र आता है जो उन्होंने रावण वध से पहले की थी। देवी मां के आशीर्वाद से ही भगवान राम को अमोघ बाण मिला था, जिससे वो रावण का वध कर पाएं। पांडवों ने भी अपनी शक्ति बढ़ाने, धर्म के रास्ते जीत के लिए देवी मां की उपासना की थी।

    नवरात्र में ध्यान रखने वाली बातें

    1. नवरात्रि के दौरान व्रत और पूजा करने वाले लोग दाढ़ी-मूंछ, नाखून और सिर के बाल कटवाने से बचें।
    2. कलश स्थापित किया है तो पूरे दस दिनों तक अखण्ड जोत जलाते हुए उस जगह को खाली ना छोड़ें।
    3. नौ दिनों तक तामसिक भोजन बिल्कुल ना करें। यानी लहसुन, प्याज और मांस सहित ठंड-बासी और किसी भी तरह का दूषित खाना न खाएं।
    4. व्रत करने वाले लोगों को इन दिनों अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। बल्कि फलाहार ही करें।
    5. पुराणों के मुताबिक व्रत के दौरान दिन में नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से व्रत भंग होता है यानी टूट जाता है।
    6. इन दिनों में शराब, तंबाकू और हर तरह के नशे से दूर ही रहना चाहिए।
    7. नवरात्र के दौरान पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने से भी बचना चाहिए।


    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
    Fasting on Goddess Ashtami and Navami is happy with cleanliness, only one can get the result of the whole Navratri

  • खास कामों की शुरुआत हो या खरीदारी, इसके लिए अष्टमी, नवमी और दशहरे को माना गया है शुभ

    हिंदू पंचांग के मुताबिक अश्विन महीने के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर को है। इसके अगले ही दिन यानी 25 अक्टूबर को नवमी तिथि और दशहरा एकसाथ है। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के मुताबिक नवरात्र की अष्टमी, नवमी तिथि और दशहरे को हर लिहाज से खास माना गया है। इन 3 दिनों में बड़े और खास कामों की शुरुआत की जाती है। अष्टमी और नवमी तिथि देवी की महा पूजा के दिन होते हैं। वहीं दशहरे को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसलिए नवरात्र के आखिरी 3 दिन कई मायनों में खास होते हैं।

    इस बार ये दिन 24 और 25 को

    पं. मिश्र का कहना है कि इस बार नवरात्र की अष्टमी तिथि 24 को है। 25 को नवमी और दशमी दोनों तिथियां रहेंगी। ज्योतिषीय गणना के चलते तिथि और दिन में ताल-मेल बैठाने की वजह से ऐसा होता है। जब एक अंग्रेजी तारीख में 2 हिंदी तिथियां आ जाती है। इस वजह से उस दिन 2 व्रत या त्योहार मनाए जाते हैं। धार्मिक कामों यानी व्रत, पूजा, स्नान और दान के लिए इन तिथियों को सूर्योदय के मुताबिक माना जाता है। लेकिन खरीदारी या किसी खास काम की शुरुआत के लिए उस समय सिर्फ तिथि का होना ही काफी रहता है।

    जया तिथि और अबूझ मुहूर्त

    पं. मिश्र बताते हैं कि ज्योतिष में अष्टमी को जया तिथि कहा गया है। इस तिथि में किए गए कामों में सफलता और जीत मिलती है। नवरात्र के दौरान इस तिथि का महत्व और असर दोनों बढ़ जाता है। इस दिन देवी की महा पूजा करने का भी विधान है। इसके अगले दिन नवमी तिथि को भी महा पूजा का दिन कहा गया है। इस दिन भी महत्वपूर्ण कामों की शुरुआत की जाती है। वहीं, ज्योतिष ग्रंथों में विजयादशमी यानी दशहरे को अबूझ मुहूर्त कहा गया है। ये पूर्णा तिथि है। यानी इस तिथि में किए गए काम अधूरे नहीं रहते, पूरे हो जाते हैं। दशहरे पर प्रॉपर्टी, व्हीकल और हर तरह की विशेष खरीदारी करने का भी विधान है।

    24 को सर्वार्थसिद्धि और 25 को रवियोग

    24 अक्टूबर को सर्वार्थसिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। इस दिन प्रॉपर्टी, फर्नीचर और अन्य जरूरी खास चीजों की खरीदारी की जा सकती है। शनिवार होने से इस दिन व्हीकल खरीदारी नहीं करनी चाहिए। वहीं, 25 अक्टूबर को सूर्य-चंद्रमा की विशेष स्थिति से पूरे दिन रवियोग रहेगा। विजयादशमी अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन खासतौर से व्हीकल खरीदारी की जा सकती है। इसके साथ ही हर तरह की खरीदारी करना शुभ माना गया है।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
    Navratri Ashtami Navami Dussehra; Importance Significance Of Last 3 Days Of Shardiya Navratri 2020

  • तुला सहित सात राशियों पर है चार ग्रहों का शुभ असर, नौकरी और बिजनेस के लिए है अच्छा समय

    सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के कारण 7 राशियों के लिए अच्छा समय चल रहा है। जो कि अगले महीने 4 नवंबर तक रहेगा। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि इन चार ग्रहों के शुभ प्रभाव से मेष, वृष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु और मकर राशि वाले लोगों को जॉब और बिजनेस में तरक्की मिल सकती है। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। कामकाज में सकारात्मक बदलाव होने के भी योग बन रहे हैं। वहीं, कर्क, कन्या, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए मिला-जुला समय चल रहा है। इनके अलावा मीन राशि वाले लोगों को खासतौर से संभलकर रहना होगा।

    ग्रहों की स्थिति
    पं. मिश्रा बताते हैं कि सूर्य और बुध तुला राशि में है। इन ग्रहों की युति बुधादित्य योग बन रहा है। शुक्र ग्रह कन्या राशि में है। वहीं, मंगल मीन राशि में वक्री है। सूर्य और बुध के प्रभाव से नौकरी और बिजनेस में अच्छे बदलाव के योग बनते हैं। शुक्र के कारण धन लाभ और सुख बढ़ता है। इच्छाएं पूरी होती हैं। इनके अलावा मंगल से पराक्रम और प्रभाव बढ़ता है।


    मेष - बिजनेस में फायदा होने के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों की इनकम बढ़ने के योग बन रहे हैं। खराब परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अधिकारियों से संबंध सुधरेंगे। वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आने के योग बन रहे हैं। भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार आएगा। पारिवारिक बिजनेस मजबूत होगा। गुस्से पर कंट्रोल करें।

    वृष - ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। दुश्मनों पर जीत मिलेगी। पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बन सकती है। धन लाभ की कोशिशों में मदद मिलेगी। साथ काम करने वालों से विवाद खत्म होगा।

    मिथुन - मंगलदायक समय है। प्रतिभा में निखार आएगा। नए कामों का मौका मिलेगा जिससे आपको फायदा होगा। बिजनेस बदलने के लिए समय अच्छा है। इच्छाएं पूरी होंगी। नए कामों की योजनाएं बनेंगी। लव लाइफ के लिए भी समय अच्छा है।

    कर्क - पराक्रम बढ़ेगा। जॉब और बिजनेस में अच्छा काम करेंगे। साथ काम करने वाले लोगों से मदद मिल सकती है। सेहत का ध्यान रखना होगा। खर्चे बढ़ सकते हैं। पैसों के मामलों में जल्दबाजी करने से भी बचना होगा।

    सिंह - सकारात्मक तरीके से काम करेंगे तो कई लोगों से मदद भी मिलेगी। जॉब और बिजनेस में कामकाज बढ़ेगा। फायदा भी होगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। नए काम शुरू होंगे। अधूरे काम पूरे हो जाएंगे। रुका हुआ पैसा भी मिलने के योग बन रहे हैं।

    कन्या - समय अच्छा है। जॉब और बिजनेस में सितारों की मदद मिलेगी। सोच-समझकर निवेश करें। इसमें किस्मत का साथ भी मिल सकता है। अचानक लिए गए कुछ फैसले आपके कामकाज में बदलाव ला सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों की इनकम बढ़ेगी। अधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। विवाद से बचने की कोशिश करें।

    तुला - सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। रुका हुआ पैसा भी मिल सकता है। जॉब और बिजनेस में अच्छा काम करेंगे। दांपत्य जीवन के लिए भी अच्छा समय रहेगा। दुश्मनों पर जीत मिल सकती है। संतान संबंधी परेशानी भी दूर होने के योग बन रहे हैं। दोस्तों से मदद मिलेगी।

    वृश्चिक - उतार-चढ़ाव वाला समय हो सकता है। जॉब और बिजनेस में आपका प्रभाव बढ़ेगा। हालांकि कुछ दबे-छुपे दुश्मनों की वजह से परेशान हो सकते हैं। जोखिम भरे निवेश करने से बचना होगा। सेहत के मामलों में भी संभलकर रहना होगा।

    धनु - जरूरी और खास काम पूरे हो सकते हैं। जॉब और बिजनेस में साथ काम करने वाले और बड़े लोगों से मदद मिल सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। वरना आने वाले दिनों में आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिता से मदद मिलेगी। लव लाइफ के लिए भी समय अच्छा है।

    मकर - आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी बदलना चाह रहे हैं तो किस्मत का साथ मिल सकता है। कॉम्पिटीशन बढ़ेगा, लेकिन आपको जीत मिल सकती है। इन दिनों आप अपनी काबिलियत के दम पर लोगों पर प्रभाव जमा सकते हैं। पारिवारिक बिजनेस में भाई-बहनों की जरूरत महसूस हो सकती है।

    कुंभ - आर्थिक मामलों में समय अच्छा रहेगा। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी। दूर स्थान की यात्रा होने के योग बन रहे हैं। पार्टनरशिप से बिजनेस में फायदा मिल सकता है। अनुभवी लोगों की सलाह से भी आपको फायदा हो सकता है।

    मीन - ग्रहों की स्थिति के कारण मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जॉब और बिजनेस में बदलाव की योजना बना रहे हैं तो समय ठीक नहीं है। किसी खास इंसान की सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। लेन-देन और निवेश में सावधान रहना होगा। विवाद से बचना होगा।



    Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
    Four planets have positive effects on seven zodiac signs including Libra, good time for job and business

Amar ujala

Nai Dunia

livehindustan

oneindia