Last Updated: 18 Feb 2019 04:03 PM

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  • इंटरनेशनल कोर्ट में सुनवाई शुरू, भारत ने कहा- पाक इस मंच का दुरुपयोग कर रहा

    हेग. पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर जैश-ए-मोहम्मद के हमले के चार दिन बाद भारत और पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले में आमने-सामने हुए।पूर्व भारतीय नेवी अफसर जाधव को सुनाई मौत की सजा को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में सोमवार से सुनवाई शुरू हो गई।यह सुनवाई चार दिन चलेगी। सोमवार कोभारतीय वकील हरीश साल्वे ने दलील पेश की। उन्होंंने कहा कि पाकिस्तान आईसीजे के मंच का गलत इस्तेमाल कर रहा है।मंगलवार कोपाकिस्तानी वकील खावर कुरैशी दलीलें पेश करेंगे।इसके बाद भारत 20 फरवरी को इस पर जवाब देगा, जबकि इस्लामाबाद 21 फरवरी को अपनी आखिरी दलीलें पेश करेगा। इस साल इस मामले में फैसला आने की उम्मीद है।

    • साल्वे ने कहा-साल्वे ने कहा- पाकिस्तान बिना देरी जाधव को काउंसलर उपलब्धकराने के लिए बाध्य है। बिना काउंसलर एक्सेस के जाधव को कस्टडी में रखे जाने को गैरकानूनी करार दिया जाना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान जाधव मामले का इस्तेमाल प्रोपागैंडा के लिए कर रहा है।
    • साल्वे ने कहा- 30 मार्च 2016 को भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया था कि जाधव को कॉन्स्युलर उपलब्ध कराया जाना है। हमें इस पर कोई जवाब नहीं मिला। अलग-अलग तारीखों में पाकिस्तान को 13 रिमाइंडर भेजे गए थे।
    • भारतीय वकील ने कहा, "पाकिस्तान बिना देरी जाधव को कॉन्स्युलर उपबल्ध कराने के लिए बाध्य है। बिना काउंसलर एक्सेस के जाधव को कस्टडी में रखे जाने को गैरकानूनी करार दिया जाना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान जाधव मामले का इस्तेमाल प्रोपागैंडा के लिए कर रहा है।'
    • पाकिस्तान ने जाधव को उनके परिवार से मिलने का प्रस्ताव दिया। यह मुलाकात 25 दिसंबर 2017 को हुई। भारत इस मुलाकात के रवैये और जाधव के परिवार के साथ किए गए बर्ताव से निराश था।

    पाकिस्तान ने लगाया जासूसी का आरोप

    पाक सैनिकों ने कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में बलूचिस्तान प्रांत से पकड़ा था। उन पर अफगानिस्तान में जासूसी के आरोप लगाए गए और मिलिट्री कोर्ट ने 10 अप्रैल 2017 को उन्हें सजा-ए-मौत सुनाई थी। इस पर रोक लगवाने के लिए भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने 2017 में जाधव को सजा पर रोक लगाई थी। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा है कि वह कुलभूषण की सजा को नहीं बदलेगा।

    कुलभूषण की सजा रद्द करने की मांग
    भारत पहले कह चुका है कि कुलभूषण जाधव जासूस नहीं हैं। बल्कि पाक सैनिकों ने उन्हें अफगानिस्तान बॉर्डर से किडनैप किया था। भारत ने कोर्ट से अपील की है कि पाकिस्तान को जाधव की सजा रद्द करने का आदेश दिया जाए। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने विएना संधि का उल्लंघन कर कुलभूषण को काउंसलर एक्सेस मुहैया नहीं कराई और मानवाधिकारों का भी उल्लंघन किया।

    जाधव की फैमिली को भी प्रताड़ित किया था
    कुलभूषण का परिवार उनसे मिलने 2017 में पाकिस्तान गया था। तब उनके परिवार को प्रताड़ित किया गया था। मुलाकात के दौरान जाधव और परिवार सीसीटीवी की निगरानी में था और उनके बीच एक कांच की दीवार थी।



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    India Pakistan in UN court for Kulbhushan Jadhav death sentence case

  • सवर्ण आरक्षण विधेयक पारित, विपक्ष के हंगामे पर नीतीश ने कहा- इन्हें रांची से आदेश मिला है

    पटना. सोमवार को बिहार विधानमंडल से सवर्ण आरक्षण विधेयक पारित कर दिया गया। अनारक्षित वर्गों के रोस्टर से यह 10 प्रतिशत आरक्षण सिस्टम लागू किया जाएगा। जदयू और भाजपा ने इस विधेयक का समर्थन किया, जबकि राजद विधायकों ने इसके विरोध में मत दिया। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो आरक्षण का प्रावधान पहले से है, उस पर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला। संविधान में संशोधन कर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह अतिरिक्त आरक्षण लाया गया है।

    सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था विधेयक
    नीतीश ने कहा कि यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था। सभी दलों को इसके समर्थन में वोट करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम बनाकर नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा और इसे जल्द लागू करने की कोशिश करेंगे।

    रांची से आया हंगामा करने का आदेश
    नीतीश ने विपक्ष केहंगामे पर चुटकी लेते हुए कहा, 'आज तक इनको अच्छी बात बताया हूं, लेकिन इन पर हर बात का उल्टा असर होता है। मैं जानता हूं कि आधे से अधिक राजद के विधायकों की स्वर्ण आरक्षण पर सहमति है, लेकिन इन्हें हंगामा करने के लिए रांची से आदेश आया है।'

    मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन है। गरीब सवर्णों को नौकरी के साथ कॉलेजों में एडमिशन में भी आरक्षण मिलेगा। जिसने भी इसका विरोध किया, वह गलत है।'



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    नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

  • पुलवामा हमले के 4 दिन बाद सेना ने मास्टरमाइंड गाजी को मार गिराया, मेजर समेत 4 जवान शहीद

    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सोमवार कोजैश-ए-मोहम्मद केदो आतंकी मारे गए। सेना के सूत्रों ने बताया किपुलवामा में 14 फरवरी को हुए फिदायीन हमले का मास्टरमाइंड कामरान राशिद गाजी और स्थानीय जैश आतंकी बिलाल अहमद नाइक उर्फ राशिद भाई मुठभेड़ में मारा गया। इससे पहले मुठभेड़ में सेना के एक मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए। एक आम नागरिक के भी मारे जाने की खबर है। इस मुठभेड़ केे बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव भीकिया।

    सुरक्षाबलों कोजम्मू-कश्मीर में पुलवामा से करीब 10 किलोमीटर दूर पिंग्लेना मेंआतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सोमवार तड़केसर्च ऑपरेशन चलाया गया। शहीद हुए चारों जवान55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे। इनमें मेजर वीएस धौंदियाल, हवलदार शिवराम, सिपाही अजय कुमार और सिपाहीहरि सिंह शामिल हैं।

    चार दिन में 45 जवान शहीद

    पिछले चार दिन में राज्य में आतंकी घटनाओं में 45 जवानों की जान जा चुकी है। इससे पहले14 फरवरी को पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। वहीं, शनिवार को राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एक आईईडी को नाकाम करते वक्त सेना के मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। बिष्ट कासोमवार कोदेहरादून में अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

    शहादत बेकार नहीं जाएगी- मोदी
    पुलवामा हमले पर प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने कहा, "पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घृणित है। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है।'' राहुल ने भी इस हमले पर दुख जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह कायराना हरकत से मैं बुरी तरह व्यथित हूं।''



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    Encounter in Pinglan area Pulwama, two militants trapped by security forces

  • 100 घंटे के अंदर ही सेना ने पुलवामा के गुनहगार को बम से उड़ा दिया, कश्मीर में 60 से ज्यादा जैश के आतंकियों के छिपे होने का शक

    नेशनल डेस्क. कश्मीर के पुलवामा से 10 किलोमीटर दूर पिंग्लेना में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने पुलवामा हमले में मास्टरमाइंड गाजी समेत जैश-ए-मोहम्मद के एक और आतंकी को मार गिराया है। हालांकि इसमें देश ने एक मेजर समेत चार सैनिकों को खो दिया।


    - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के करीब 60 आतंकियों के होने का शक है, जिसमें से 35 विदेशी आतंकी हैं। गृह मंत्रालय की बैठक में खुफिया विभाग की जानकारी पर चर्चा हो रही है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

    गाजी को बम से उड़ा दिया गया : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना को एक घर में जैश-ए-मोहम्मद के कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। तड़के शुरू हुए एनकाउंटर में सेना ने जैश के दो आतंकियों को मार गिराया। इसमें एक जैश का बड़ा लीडर और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड गाजी उर्फ कामरान था। बताया जा रहा है कि वो जिस घर में छिपा था आर्मी ने वो पूरा का पूरा घर ही उड़ा दिया। हालांकि मुठभेड़ में एक आम नागरिक की भी मौत हो गई।

    देश ने खो दिए 45 जवान : 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद अब तक देश ने 45 बहादुर जवानों को खो दिया। पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए। इसके बाद शनिवार को राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एक आईईडी को नाकाम करते वक्त सेना के मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। आज पिंग्लेना में हो रहे एनकाउंटर में 4 जवान शहीद हो गए।

    सेना का मनोबल ऊंचा है :एनकाउंटर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे जवानों कामनोबल ऊंचा है। वो आतंकियों का सफाया करने में सफल होंगे।




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    Pulwama Attck, Jaish commander Abdul Rasheed Ghazi killed in encounter

  • शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे केंद्रीय मंत्री की ये फोटो हुई वायरल, लोगों ने ऐसे मौके पर भी सेल्फी लेने का लगाया आरोप, सोशल मीडिया पर किए गए ट्रोल

    नेशनल डेस्क. केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस एक फोटो की वजह से विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद जवान के पार्थिव शरीर वाले ताबूत के साथ कथित तौर पर एक सेल्फी पोस्ट की। इसके बाद से उन्हें सोशल मीडिया यूजर्स के गुस्से और ट्रोल का शिकार होना पड़ रहा है। हालांकि, बाद में केंद्रीय मंत्री ने केरल के डीजीपी को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि कुछ शरारती तत्व सीआरपीएफ जवान के अंतिम संस्कार में ली गई उनकी फोटो को सेल्फी के तौर पर पेश कर रहे हैं।

    मंत्री ने दी ये सफाई
    - केंद्रीय मंत्री ने अपने लेटर लिखा, वो 16 फरवरी को वायनाड में वसंत कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने ऐसी कोई सेल्फी या फोटो नहीं ली।
    - उन्होंने आगे लिखा, ''किसी ने ताबूत के पास खड़े होने के दौरान ये फोटो ले ली और मेरे मीडिया महासचिव ने इसे मेरे फेसबुक पर लगा दिया, जिसके बाद ये सारा हंगामा मचा है।
    - अल्फोंस ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर मेरी फोटो डालते हुए सेल्फी लेने का आरोप लगा दिया। लोगों ने मेरे खिलाफ फर्जी खबरें फैलाईं।
    - उन्होंने कहा कि उन शरारती तत्वों के इस काम से जनता के बीच मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का काम किया है, जो भारतीय दंड संहिता के प्रावधान के तहत दंडनीय अपराध है।

    शहीद के अंतिम संस्कार में गए थे मंत्री
    - अल्फोंस इस फोटो में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान वसंत कुमार का पार्थिव शरीर रखे ताबूत के पास खड़े दिख रहे हैं। वहीं, उनके पीछे सैकड़ों लोगों की भीड़ है।
    - मंत्री शहीद जवान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके गृहनगर वयानद जिले में गए थे। उसी दौरान की ये फोटो ली गई है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

    यूजर्स ने किया ट्रोल
    - इस फोटो को लेकर केंद्रीय मंत्री को काफी ट्रोल भी किया गया। कई लोगों ने उन्हें पहले बेहतर कैमरा लेने की सलाह दी और फिर कहा कि आपके चेहरे पर शर्म नहीं देखी जा सकी। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये कोई ड्रामा करने का वक्त नहीं था।



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    Union minister trolled for posting picture from CRPF jawan funeral

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