Last Updated: 23 Jul 2019 04:45 AM

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  • बांद्रा में एमटीएनएल की इमारत में आग, दमकल विभाग ने 5 घंटे बाद छत पर फंसे सभी 84 लोगों को निकाला

    मुंबई. शहर केबांद्रा वेस्ट इलाके में एमटीएनएल की 9 मंजिलाइमारत में सोमवार को आग लग गई।दमकल विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए5 घंटे के अंदर इमारत की छत पर फंसे84 लोगों को सही सलामत निकाललिया। उन्हें छत से क्रेन की मदद से निकालागया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    दमकल विभाग के मुताबिक, लेवल-4 की आग ने तीसरी और चौथी मंजिल को चपेट में ले लिया था। इसे बुझाने के लिए दमकलकर्मियों नेएक नए रोबोट सिस्टम की मदद ली।

    लोगों से इमारत से दूर रहने की अपील

    दमकलकर्मियोंका कहना है कि एसी में शॉर्टसर्किट के बाद पहले उसमें आग लगी। फिर आग पूरे फ्लोर पर फैल गई। शहर का भीड़भाड़ वालाइलाका होने के चलते सड़क पर जाम लग गया। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की 31 गाड़ियां कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं।पुलिस और फायर बिग्रेड के अधिकारी ने लोगों सेइमारत से दूर रहने की भी अपील की।

    कल भी एक बिल्डिंग में आग लगी थी
    इससे पहले रविवार को मुंबई में ही ताजमहल और डिप्लोमैट होटल के पास चर्चिल चैंबर बिल्डिंग में आग लगी थी। दमकल कर्मचारियों ने 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।



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    Mumbai Fire: Mumbai Bandra Fire [UPDATES]: Fire In 9-storey MTNL building in Mumbai's Bandra, over 100 feared trapped
    Mumbai Fire: Mumbai Bandra Fire [UPDATES]: Fire In 9-storey MTNL building in Mumbai's Bandra, over 100 feared trapped
    Mumbai Fire: Mumbai Bandra Fire [UPDATES]: Fire In 9-storey MTNL building in Mumbai's Bandra, over 100 feared trapped
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  • आजम खान ने कहा- बापू ने हमें रोका था, आज कहा जा रहा कि तुम्हारी जगह कब्रिस्तान या पाकिस्तान

    रामपुर.समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने कैराना विधायक नाहिद हसन के विवादास्पद बयान का बचाव किया है।आजम ने कहा किबापू महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, सरदार पटेल औरनेहरू जी ने हमें (मुस्लिम समुदाय) यहां रहने के लिए रोका था।आज हमसे कहा जा रहा है कि, हमारा स्थान या तो कब्रिस्तान है या पाकिस्तान है। दुख की बात है कि ऐसी स्थिति पैदा हुई है।


    आजम खान ने कहा, “बापू ने भरोसा दिलाया था कि, यह देशउतना ही हमारा है जितना किसी और का। हम वापस आ गए, हमारे पूर्वज वापस आ गए। लेकिन अब किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। सवाल करते हुए आजम ने कहा कि, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इसकी शुरुआत किसने की थी?’’

    विधायक नाहिद हसन के बचाव में आजम ने दिया बयान
    रविवार को कैराना में स्थानीय प्रशासन ने शहर के मुख्य मार्ग पर खड़ी होने वाली ठेलोंको हटाकर उन्हें सराय की भूमि में खड़े करने का निर्णय लिया था। इस पर शामली स्थित कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन ने विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा था किहमारे लोग (मुस्लिम समुदाय)भाजपाई व्यापारियों से सामान न खरीदें। उन्होंने वीडियो जारी कर लोगों से अपील की थी कि अगर हमारे लोगों ने इस पर अमल कर लिया, तो इनके दिमाग ठीक हो जाएंगे।इस जगह पर वर्षों से रह रहे लोगों को जबरन हटाया जा रहा है, जो सरासर गलत है।

    मॉब लिंचिंग पर भी विवादित बयान दे चुके हैं आजम

    इससे पहलेआजम खान मॉब लिचिंग की घटनाओं पर विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा थाकि मॉब लिंचिंग वोसजा है, जो इस देश का मुसलमान 1947 सेभुगतरहा है। अब इस मामले में जो भी होगा, मुसलमान उसका सामना करेंगे। आजम ने आगे कहा था किहमारे पूर्वज पाकिस्तान इसलिए नहीं गए, क्योंकिउन्होंने भारत को अपना देश समझा। यह हमारी गलती है। मौलाना आजाद, पं. जवाहरलाल नेहरु, सरदार पटेल और बापू ने मुस्लिमों से अपील की पाकिस्तान न जाएं। मुस्लिम आजादी के बाद से ही घृणात्मक जीवन जी रहे हैं। मुस्लिम इस पर शर्मिंदा हैं।



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    सपा सांसद आजम खान।

  • विश्वास मत पर बहस के दौरान स्पीकर ने कहा- दुनिया देख रही है, मुझे बलि का बकरा ना बनाओ

    बेंगलुरु. कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को भी विश्वास मत पर बहस जारी है। स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट पर फैसला आज ही होगा, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने से पहले ऐसा ना किया जाए। स्पीकर ने हर सदस्य के बोलने के लिए 10 मिनट का वक्त निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सभी देख रहे हैं, मुझे बलि का बकरा मत बनाओ। हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए। जेडीएस-कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि उन्हें बहस के लिए और समय दिया जाए। इस दौरान थोड़ी देर के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा। इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले स्पीकर ने अयोग्यता के मुद्दे पर 15 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया। स्पीकर ने विधायकों को 23 जुलाई को 11 बजे तक अपने ऑफिस में बुलाया।

    कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने कहा, ''आज मैं एक आदेश पारित करूंगा। सुप्रीम कोर्ट का आदेश समझने में देरी हुई। सभी सदस्य सदन में गरिमा बनाए रखें। यहां समय बर्बाद करने से विधानसभा, स्पीकर और विधायकों की छवि धूमिलहोती है।'' कुमारस्वामी के विश्वास मत प्रस्ताव पर गुरुवार और शुक्रवार को विधानसभा मेंचर्चा हो चुकी है।

    स्पीकर पहले इस्तीफों पर फैसला लें- कांग्रेस

    कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा- भाजपा कुर्सी चाहती है तो इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही? वे ऑपरेशन लोटस की बात क्यों नहीं मान रहे हैं? उन्हें बागी विधायकों के संपर्क में होने की बात स्वीकार करनी चाहिए।कांग्रेस विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा- हम असाधारण परिस्थितियों में हैं। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि विश्वास मत के लिए वोटिंगे से पहले वह इस्तीफों पर फैसला लें।

    निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।रविवारको कांग्रेस-जेडीएससरकार से समर्थन वापस लेने वाले दो निर्दलीय विधायकों नेसुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि सोमवारशाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने काआदेश दें। दूसरी ओर, राज्य के इकलौते बसपा विधायक एन महेश को पार्टी प्रमुख मायावती ने कुमारस्वामी के पक्ष में समर्थन करने के निर्देश दिए। इससे पहले एन महेश ने कहा था कि वे फ्लोर टेस्ट के दौरान तटस्थ रहेंगे। हालांकि, विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी बसपा विधायक सदन में गैर हाजिर थे।

    आज कुमारस्वामी सरकार का आखिरी दिन: येदियुरप्पा

    रविवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के साथ ताज होटल में बैठक की। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह देश में अनैतिक राजनीति का नया बेंचमार्क है। उधर, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने फिर से कहा कि सोमवार को गठबंधन सरकार का आखिरी दिन होगा। उधर, मुंबई में मौजूद बागी विधायकों ने कहा, ''हम यहां सिर्फ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीएस) सरकार को सबक सिखाने के लिए आए हैं। इसके अलावा कोई दूसरा मकसद नहीं है। हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए, फिरबेंगलुरु लौट जाएंगे।''

    कुमारस्वामी ने राज्यपाल की दो डेडलाइन नजरअंदाज कीं
    राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे और फिर शाम 6 बजे तक की डेडलाइन दी थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस दिन विश्वास मत साबित नहीं किया। कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा था, ''मेरे मन में राज्यपाल के लिए सम्मान है, लेकिन उनके दूसरे प्रेम पत्र ने मुझे आहत किया। मैं फ्लोर टेस्ट का फैसला स्पीकर पर छोड़ता हूं। मैं दिल्ली द्वारा निर्देशित नहीं हो सकता। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि राज्यपाल की ओर से भेजे गए पत्र से मेरी रक्षा करें।''

    गठबंधन सरकार गिराने का माहौल बनाया जा रहा: कुमारस्वामी
    मुख्यमंत्री ने येदियुरप्पा के निजी सचिव पीए संतोष के साथ निर्दलीय विधायक एच नागेश की फोटो दिखाते हुए कहा था, ''क्या वाकई उन्हें विधायकों की खरीद-फरोख्त के बारे में 10 दिन पहले ही पता चला? जब से कांग्रेस-जेडीएस सरकार बनी, इसे गिराने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। मुझे पहले दिन से पता था कि सत्ता ज्यादा नहीं चलेगी, देखता हूं भाजपा कितने दिन सरकार चला पाएगी? मुद्दे पर बहस होने दीजिए। आप (भाजपा) अभी भी सरकार बना सकते हैं। कोई जल्दी नहीं है। आप सोमवार या मंगलवार को भी सरकार बना सकते हैं। मैं अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करूंगा। पहले राजनीतिक संकट पर चर्चा होगी, इसके बाद फ्लोर टेस्ट।''

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने दायर की याचिका
    कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, इसमें शीर्ष अदालत के 17 जुलाई के फैसले को चुनौती दी गई। दरअसल, कोर्ट ने 17 जुलाई को कहा था कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बाध्य नकिया जाए। इन विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगी।कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुखदिनेश गुंडू राव ने याचिका दायर कर कोर्ट से फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की। इसमें कहा गया है कि कोर्ट का आदेश व्हिप जारी करने के पार्टी के अधिकार को प्रभावित करता है।

    जेडीएस ने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया था
    मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जेडीएस के सभी 37 विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था। इनमें उनकी पार्टी के तीन बागी विधायक नारायण गौड़ा, गोपालैया और एच विश्वनाथ भी शामिल हैं। जेडीएस ने कहा है कि अगर विधायक गैर-मौजूद रहते हैं या विश्वास मत के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो दल बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की जाएगी। जबकि, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी में हैं और सरकार के पक्ष में वोटिंग करेंगे।

    कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
    उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था।



    आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
    Karnataka Floor Test, Floor test in Karnataka [UPDATES]: Karnataka HD Kumaraswamy JDS Congress Government Floor test
    Karnataka Floor Test, Floor test in Karnataka [UPDATES]: Karnataka HD Kumaraswamy JDS Congress Government Floor test

  • विश्वास मत पर बहस जारी, स्पीकर ने कहा- दुनिया देख रही है, मुझे बलि का बकरा ना बनाओ

    बेंगलुरु. कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को भी विश्वास मत पर बहस जारी है। स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट पर फैसला आज ही होगा, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने से पहले ऐसा ना किया जाए। स्पीकर ने हर सदस्य के बोलने के लिए 10 मिनट का वक्त निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सभी देख रहे हैं, मुझे बलि का बकरा मत बनाओ। हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने भाजपा के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक भी की। इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले स्पीकर ने अयोग्यता के मुद्दे पर 15 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया। स्पीकर ने विधायकों को 23 जुलाई को 11 बजे तक अपने ऑफिस में बुलाया।

    कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने कहा, ''आज मैं एक आदेश पारित करूंगा। सुप्रीम कोर्ट का आदेश समझने में देरी हुई। सभी सदस्य सदन में गरिमा बनाए रखें। यहां समय बर्बाद करने से विधानसभा, स्पीकर और विधायकों की छवि धूमिलहोती है।'' कुमारस्वामी के विश्वास मत प्रस्ताव पर गुरुवार और शुक्रवार को विधानसभा मेंचर्चा हो चुकी है।

    स्पीकर पहले इस्तीफों पर फैसला लें- कांग्रेस

    कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा- भाजपा कुर्सी चाहती है तो इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही? वे ऑपरेशन लोटस की बात क्यों नहीं मान रहे हैं? उन्हें बागी विधायकों के संपर्क में होने की बात स्वीकार करनी चाहिए।कांग्रेस विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा- हम असाधारण परिस्थितियों में हैं। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि विश्वास मत के लिए वोटिंगे से पहले वह इस्तीफों पर फैसला लें।

    निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया।रविवारको कांग्रेस-जेडीएससरकार से समर्थन वापस लेने वाले दो निर्दलीय विधायकों नेसुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि सोमवारशाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने काआदेश दें। दूसरी ओर, राज्य के इकलौते बसपा विधायक एन महेश को पार्टी प्रमुख मायावती ने कुमारस्वामी के पक्ष में समर्थन करने के निर्देश दिए। इससे पहले एन महेश ने कहा था कि वे फ्लोर टेस्ट के दौरान तटस्थ रहेंगे। हालांकि, विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी बसपा विधायक सदन में गैर हाजिर थे।

    आज कुमारस्वामी सरकार का आखिरी दिन: येदियुरप्पा

    रविवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के साथ ताज होटल में बैठक की। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह देश में अनैतिक राजनीति का नया बेंचमार्क है। उधर, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने फिर से कहा कि सोमवार को गठबंधन सरकार का आखिरी दिन होगा। उधर, मुंबई में मौजूद बागी विधायकों ने कहा, ''हम यहां सिर्फ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीएस) सरकार को सबक सिखाने के लिए आए हैं। इसके अलावा कोई दूसरा मकसद नहीं है। हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए, फिरबेंगलुरु लौट जाएंगे।''

    कुमारस्वामी ने राज्यपाल की दो डेडलाइन नजरअंदाज कीं
    राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे और फिर शाम 6 बजे तक की डेडलाइन दी थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस दिन विश्वास मत साबित नहीं किया। कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा था, ''मेरे मन में राज्यपाल के लिए सम्मान है, लेकिन उनके दूसरे प्रेम पत्र ने मुझे आहत किया। मैं फ्लोर टेस्ट का फैसला स्पीकर पर छोड़ता हूं। मैं दिल्ली द्वारा निर्देशित नहीं हो सकता। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि राज्यपाल की ओर से भेजे गए पत्र से मेरी रक्षा करें।''

    गठबंधन सरकार गिराने का माहौल बनाया जा रहा: कुमारस्वामी
    मुख्यमंत्री ने येदियुरप्पा के निजी सचिव पीए संतोष के साथ निर्दलीय विधायक एच नागेश की फोटो दिखाते हुए कहा था, ''क्या वाकई उन्हें विधायकों की खरीद-फरोख्त के बारे में 10 दिन पहले ही पता चला? जब से कांग्रेस-जेडीएस सरकार बनी, इसे गिराने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। मुझे पहले दिन से पता था कि सत्ता ज्यादा नहीं चलेगी, देखता हूं भाजपा कितने दिन सरकार चला पाएगी? मुद्दे पर बहस होने दीजिए। आप (भाजपा) अभी भी सरकार बना सकते हैं। कोई जल्दी नहीं है। आप सोमवार या मंगलवार को भी सरकार बना सकते हैं। मैं अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करूंगा। पहले राजनीतिक संकट पर चर्चा होगी, इसके बाद फ्लोर टेस्ट।''

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने दायर की याचिका
    कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, इसमें शीर्ष अदालत के 17 जुलाई के फैसले को चुनौती दी गई। दरअसल, कोर्ट ने 17 जुलाई को कहा था कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बाध्य नकिया जाए। इन विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगी।कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुखदिनेश गुंडू राव ने याचिका दायर कर कोर्ट से फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की। इसमें कहा गया है कि कोर्ट का आदेश व्हिप जारी करने के पार्टी के अधिकार को प्रभावित करता है।

    जेडीएस ने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया था
    मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जेडीएस के सभी 37 विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था। इनमें उनकी पार्टी के तीन बागी विधायक नारायण गौड़ा, गोपालैया और एच विश्वनाथ भी शामिल हैं। जेडीएस ने कहा है कि अगर विधायक गैर-मौजूद रहते हैं या विश्वास मत के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो दल बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की जाएगी। जबकि, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी में हैं और सरकार के पक्ष में वोटिंग करेंगे।

    कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
    उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था।



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  • चंद्रयान-2 के बाद अगला मिशन सूर्य पर, 2020 के मध्य में आदित्य-एल1 लॉन्च होगा

    नई दिल्ली. चंद्रयान-2 के बाद इसरो का अगला मिशन सूर्य पर होगा। इसका नाम आदित्य-एल1 होगा। सोमवार को न्यूज एजेंसी ने इसरो के हवाले से बताया कि इसे2020 के मध्यतक लॉन्च करने की योजना है। इसका मकसदयह पता लगाना है कि सूर्य केसतह के तापमान 6000 कैलविन सेकोरोना का तापमान 300 गुना ज्यादा क्यों है। जबकि कोरोना इससे काफी ऊपर है।

    इसरो ने अपनी वेबसाइट पर इस मिशन से संबंधित जानकारी साझा की है।सूर्य की इस बाहरी परत को तेजोमंडल कहते हैं, जोहजारों किमी तक फैली है।


    लॉन्च हुआ चंद्रयान-2
    इससे पहले चंद्रयान-2 सोमवार दोपहर 2.43 बजे श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ। प्रक्षेपण के 17 मिनट बाद ही यान सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया। इसे भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया गया। इस रॉकेट में तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस मिशन के तहत इसरो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर को उतारेगा।

    चंद्रयान-2 तेजोमंडल का विश्लेषण देगा
    के.सिवन (इसरो) ने कहा- आदित्य-एल1 पृथ्वी से 1.5 मिलियन किमी की दूरी पर स्थित होगा। वहां से यहहमेशा सूर्य की ओर देखेगा। सूर्य की इस बाहरी परत‘तेजोमंडल’ का विश्लेषण देगा। इसका क्लाइमेट चेंज पर इसका खासा प्रभाव है।

    आदित्य-एल1 कई अध्ययन कर सकता है
    रिपोर्ट के मुताबिक- आदित्य-एल1, सूर्य के फोटोस्फेयर, क्रोमोस्फेयर और तेजोमंडल का अध्ययन कर सकता है। यह सूर्य से निकलने वाले विस्फोटक कणों का अध्ययन भी किया जाएगा। इसरो के अनुसार यह कण पृथ्वी के नीचे वाले ऑरबिट में किसी काम के नहीं होते। इन्हें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से बाहर रखने की जरूरत है।

    चंद्रयान-2 के लॉन्चमें दो महिला वैज्ञानिकों ने बटोरी सुर्खियां
    चंद्रयान-2 मिशन सोमवार को दो महिला वैज्ञानिकों ने संभाला। यह रितु कारिढाल और एम.वनिता के लिए खास था। यह दोनों प्रोजेक्ट की निदेशक थीं। इसरो के चैयरमेन के.सिवन ने कहा- हम हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि महिला वैज्ञानिक भी पुरुषों के समान हों। हमें लगा कि यह दोनों महिलाएं यह करने में सक्षम है। यही कारण है कि उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई। दोनों महिला वैज्ञानिक बीते दो दशकों से इसरो के साथ काम कर रही हैं।



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    Aditya-L1 solar mission: After Chandrayaan-2, ISRO plans Aditya-L1 solar mission next year; News Updates

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