Last Updated: 15 Nov 2019 06:27 PM

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 Lokmat Samachar

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  • मयंक 8वें टेस्ट में करियर का दूसरा दोहरा शतक लगाकर आउट, रहाणे-पुजारा का अर्धशतक

    खेल डेस्क. भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में इंदौर के होलकर स्टेडियम में पहली पारी में 6 विकेट पर 493 रन बना लिए। शुक्रवार को मयंक अग्रवाल अपने 8वें टेस्ट में करियर का दूसरा दोहरा शतक लगाकर आउट हुए। उन्होंने 330 गेंद पर 243 रन की पारी खेली। इनके अलावा अजिंक्य रहाणे ने 86, चेतेश्वर पुजारा ने 54 और रविंद्र जडेजा ने नाबाद 60 रन की पारी खेली। बांग्लादेश की ओर से सबसे ज्यादा अबु जायेद ने 4 विकेट लिए। इससे पहले बांग्लादेश पहली पारी में 150 रन पर सिमट गई थी। इस लिहाज से भारत ने 343 रन की बढ़त बना ली।

    इससे पहले अजिंक्यरहाणे करियर का 21वां अर्धशतक लगाकर आउट हुए। उन्हें अबु जायेद ने तैजुल इस्लाम के हाथों कैच कराया। कप्तान विराट कोहली शून्य पर आउट हुए। उन्हें अबु जायेद ने एलबीडब्यू किया। भारत के शुरुआती तीनों विकेट जायेद ने लिए।

    पुजारा 23वां अर्धशतक लगाकर आउट

    इससे पहले चेतेश्वर पुजारा अपने टेस्ट करियर का 23वां अर्धशतक लगाकर पवेलियन लौट गए।उन्हें जायेद ने सैफ हसन के हाथों कैच आउट कराया।पहले विकेट के तौर पर रोहित शर्मा 6 रन पर आउट हुए। जायेद की गेंद पर विकेटकीपर लिटन दास ने उनका कैच लिया।

    मयंक का पिछली पांच पारियों में दूसरा दोहरा शतक

    भारतीय ओपनर मयंक ने दोनों दोहरे शतक उन्होंने पिछली पांच पारियों में लगाए हैं। मयंक ने पिछला दोहरा शतक इसी साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापट्टनम में लगाया था। उन्होंने यह दोनों शतक घरेलू मैदान पर और टेस्ट की पहली पारी में लगाए हैं।

    मयंक का टेस्ट की पहली पारी में स्कोर

    किसके खिलाफ कहां कब स्कोर
    बांग्लादेश इंदौर 14 नवंबर 202*
    दक्षिण अफ्रीका रांची 19 अक्टूबर 10
    दक्षिण अफ्रीका पुणे 10 अक्टूबर 108
    दक्षिण अफ्रीका विशाखापट्टनम 2 अक्टूबर 215
    वेस्टइंडीज किंग्सटन 30 अगस्त 55

    मयंक का 12 पारियों में दूसरा दोहरा शतक, ब्रैडमैन का रिकॉर्ड तोड़ा

    खिलाड़ी देश पारी
    विनोद कांबली भारत 5
    मयंक अग्रवाल भारत 12
    सर डॉन ब्रैडमैन ऑस्ट्रेलिया 13
    लॉरेंस रोवे वेस्टइंडीज 14
    ग्रीम स्मिथ दक्षिण अफ्रीका 15

    कोहली दो साल बाद घरेलू मैदान पर शून्य पर आउट

    कोहली 8 पारी बाद शून्य पर आउट। उन्हें पिछली बार सितंबर 2019 में वेस्टइंडीज के केमार रोच ने किंग्सटन में आउट किया था। कोहली घरेलू मैदान पर तीन बार शून्य पर आउट हुए। उन्हें आखिरी बार नवंबर 2017 में खेले गए कोलकाता टेस्ट में श्रीलंका के सुरंगा लकमल ने आउट किया था। कोहली अपने टेस्ट करियर में 10वीं बार बगैर खाता खोले आउट हुए हैं।

    बांग्लादेश के आखिरी 5 विकेट 10 रन के भीतर गिरे

    गुरुवार को बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 150 रन पर ऑलआउट हो गई थी। टीम की ओर से मुशफिकुर रहीम ने 43 और मोमिनुल हक ने 37 रन की पारी खेली। बांग्लादेश के आखिरी 5 विकेट 10 रन के भीतर गिरे, जबकि उनके 6 बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। भारत के लिए मोहम्मद शमी ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि ईशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और उमेश यादव को 2-2 सफलता मिली।

    भारतीय टीम: मयंक अग्रवाल, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जडेजा, ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा।


    बांग्लादेश टीम: इमरुल कायेस, शादमान इस्लाम, मोहम्मद मिथुन, मोमिनुल हक (कप्तान), मुस्तफिजुर रहीम, महमूदुल्लाह, लिटन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन, तैजुल इस्लाम, अबु जायेद और इबादत हुसैन।



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    मयंक अग्रवाल।
    बल्लेबाजी के दौरान अजिंक्य रहाणे।
    अग्रवाल और रहाणे ने चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की।
    मयंक अग्रवाल।
    मयंक अग्रवाल ने तीनों शतक घरेलू मैदान पर और टेस्ट की पहली पारी में लगाए।
    विराट कोहली को शून्य पर अबु जायेद ने एलबीडब्यू किया।
    मयंक अग्रवाल ने तीनों शतक घरेलू मैदान पर और टेस्ट की पहली पारी में लगाए।
    मयंक अग्रवाल और चेतेश्वर पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी की।

  • शनिवार का भाग्यांक रहेगा 3 और अंकों के बनेंगे विशेष योग, आपके लिए कैसा रहेगा दिन

    जीवन मंत्र डेस्क। शनिवार, 16 नवंबर का मूलांक 7 और भाग्यांक 3 है। दिन अंक 8 और मासांक 2 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार शनिवार को अंकों के विशेष योग रहेंगे। अंक 2 की अंक 3 के साथ प्रबल मित्र बनी है और अंक 7 के साथ परस्पर विरोधी युति है। अंक 3 की अंक 7 के साथ मित्र युति है। अंक 8 की अंक 2 और अंक 9 के साथ मित्र युति बन रही है। अंक 3 के साथ परस्पर मित्र युति है। अंक 9 की अंक 2 और अंक 7 के साथ विरोधी युति है और अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति है। अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा शनिवार, 16 नवंबर का दिन...

    • अंक 1

    निकट के संबंधों के मामले में लापरवाही न बरतें। संतान से संबंधित शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा साथ दे सकता है।
    क्या करें- भैरव बाबा के नमकीन चढ़ाएं।
    महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला

    • अंक 2

    मित्रों के सहयोग से उन्नति का अवसर मिल सकता है। कोशिश कीजिए कि आपके किसी भी कदम से लोग नाराज न हों। सामाजिक सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है।
    क्या करें- सफेद रसदार मिठाई खाएं और दान करें।
    महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

    • अंक 3

    बहुत बड़ी सफलता हाथ लग सकती है। लंबे समय से अटका काम किसी के सहयोग से बन सकता है। भागादौड़ अधिक करनी पड़ सकती है।
    क्या करें- हनुमानजी को मोटी बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।
    महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

    • अंक 4

    नागरिक हितों से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों को समय की कृपा मिल सकती है। अपने मनोबल को गिरने न दें। बड़े भाई के साथ संबंध की ओर विशेष ध्यान दें।
    क्या करें- नारायण कवच का पाठ करें।
    महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा

    • अंक 5

    असमंजस में फंस कर गलत निर्णय लेने से बचें। अपने आसपास के लोगों पर बारीकी से नजर रखें। लोगों से अपनी खास बातें साझा न करें।
    क्या करें- हनुमानजी को चोला चढ़वाएं।
    महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल

    • अंक 6

    अटका हुआ धन प्राप्त करने में अभी भी समय मिल सकता है। अपने लोगों से भरपूर प्रेम मिल सकता है। विलासिता के लिए खर्च कर सकते हैं।
    क्या करें- शिवलिंग पर मीठा दूध चढ़ाएं।
    महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद

    • अंक 7

    दालों-दलहनों के कारोबारियों को अधिक अनुकूलता रह सकती है। अधिक भागादौड़ से बचें। निराशा से बचें।
    क्या करें- शनि भगवान को तिल के तेल का दीपक करें।
    महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

    • अंक 8

    किसी मित्र के साथ कोई मामला अटका हुआ है या विवाद है तो इसके सुलझने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो सकती है। ननिहाल पक्ष से अनुकूलता रह सकती है। नकसीर (नाक से ख़ून बहने) को लेकर सतर्क रहें।
    क्या करें- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
    महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

    • अंक 9

    आई टी क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारों के लिए समय पक्षकारी सिद्ध हो सकता है। कोई सम्मान मिल सकता है। सिरदर्द परेशान कर सकता है।
    क्या करें- गायों को चारा खिलवाएं।
    महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- जामुनी



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  • 17 नवंबर को वृश्चिक राशि में जाएगा सूर्य, इस दिन पूजा और दान का विशेष महत्व है

    जीवन मंत्र डेस्क. सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में जाता है तो उसे संक्रांति कहा जाता हैं और जब सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष में कुल 12 संक्रांति आती है और हर राशि में सूर्य 1 महीने तक रहते है। सूर्य के इसी भ्रमण की स्थिति को संक्रांति कहा जाता है।संक्रांति को बहुत ही पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इसलिएइसेहिन्दू धर्म में पर्व भी कहा गया है।

    • वृश्चिक संक्रांति का शुभ मुहूर्त

    17 नवंबर 2019 - सूर्य का तुला से वृश्चिक राशि में गमन

    वृश्चिक संक्रांति पुण्यकाल - सुबह 6:48 से दोपहर 12:12 तक

    वृश्चिक संक्रांति महापुण्यकाल - सुबह 6:48 से सुबह 8:36 तक

    • वृश्चिक संक्रांति का महत्व

    गुरुवार कोयह संक्रांति पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है। यह संक्रांति धार्मिक व्यक्तियों, वित्तीय कर्मचारियों, छात्रों व शिक्षकों के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। वृश्चिक संक्रांति के विशिष्ट पूजन व उपाय से धन से जुडी समस्याओं का निदान होता है और छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलती है और करियर में भी सफलता मिलती है।

    1. संक्रांति के दिन दान-पुण्य करना का बेहद खास महत्व माना जाता है। इसलिए बहुत से लोग इस दिन भी वस्तुएं और खान पान की चीजें गरीबों में दान करते है।
    2. वृश्चिक संक्रांति के दिन संक्रमण स्नान, विष्णु और दान का खास महत्व होता है। इस दिन श्राद्ध और पितृ तर्पण का भी खास महत्व होता है।
    3. वृश्चिक संक्रांति के दिन की 16 घड़ियों को बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान दान करने से पुण्य प्राप्ति होती है।
    4. यह दान संक्रांति काल में करना अच्छा माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार वृश्चिक संक्रांति में ब्राह्मण को गाय दान करने का खास महत्व होता है।

    पूजन विधि

    • सूर्योदय से पहले उठकर सूर्यदेव की पूजा करनी चाहिए।
    • पानी में लाल चंदन मिलाकर तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं। इसके साथ ही रोली, हल्दी व सिंदूर मिश्रित जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
    • लाल दीपक जलाना चाहिए, यानी घी में लाल चंदन मिलाकर दीपक लगाएं। सूर्य देव को लाल फूल चढ़ाएं।
    • गुग्गल की धूप करें, रोली, केसर, सिंदूर आदि चढ़ाना चाहिए।
    • गुड़ से बने हलवे का भोग लगाएं और लाल चंदन की माला से “ॐ दिनकराय नमः” मंत्र का जाप करें।
    • पूजन के बाद नैवेद्य लगाएं और उसे प्रसाद के रूप में बांट दें।


    • वृश्चिक संक्रांति का फल

    सूर्य के वृश्चिक राशि में आने से गलत काम बढ़ सकते हैं। यानी चोर और भ्रष्टाचारी लोग बढ़ने की संभावना है।वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। मंगल की राशि में सूर्य के आ जाने से 16 दिसंबर तक कई लोगों के लिएकष्टपूर्ण समय हो सकता है। कईलोग खांसी और ठण्ड से पीड़ित हो सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सूर्य का अशुभ असर देखने को मिलेगा। राष्ट्रों के बीच संघर्ष बढ़ सकता है। आसपास के देशों सेभारत के संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं।



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    Vrishchika Sankranti 2019: Worship and Charity Have Special Significance On This Day

  • धोनी ने छह महीने बाद नेट प्रैक्टिस शुरू की, फिर भी वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज नहीं खेलेंगे

    खेल डेस्क. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंहधोनी हाल ही में अपने होम टाउन रांची के जेएससीए स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस करते हुए देखे गए। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के बाद ये पहला मौका है जब वे इस तरह मैदान पर दिखे। हालांकि इसके बाद भी वे अगले महीने से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज नहीं खेलेंगे। धोनी की अनुपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, 'वे वेस्टइंडीज सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं।' सीरीज का पहला मैच 6 दिसंबर को मुंबई में खेला जाएगा।

    धोनी ने अपना आखिरी मैच जुलाई 2019 में वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद से ही वे क्रिकेट के दूर हैं। वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने विंडीज, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेली, लेकिन इनमें से किसी भी सीरीज के लिए धोनी को टीम में शामिल नहीं किया गया। करीब छह महीने बाद उन्हें इस तरह मैदान पर प्रैक्टिस करते देख क्रिकेट फैंस भी खुश हो गए और प्रतिक्रिया देने लगे।

    धोनी के भविष्य को लेकर चल रही अटकलें

    वर्ल्ड कप के बाद से ही धोनी के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें चलती रही हैं। कई बार उनके संन्यास लेने जैसी अफवाहें भी फैल चुकी हैं। हालांकि, धोनी ने इस बारे में अपनी ओर कभी एक शब्द भी नहीं कहा है। टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कुछ वक्त पहले कहा था कि वे उनका ध्यान भविष्य पर है और छोटे फॉर्मेट के लिए ऋषभ पंत उनकी पहली पसंद हैं।

    फैन ने लिखा- अब और इंतजार नहीं होता

    नेट पर प्रैक्टिस करते हुए धोनी के वीडियो को शेयर करते हुए उनके एक फैन ने लिखा, 'लंबे लंबे ब्रेक के बाद एमएस धोनी का पहला नेट सेशन, अगर आप भी उन्हें दोबारा देखने के लिए सब्र नहीं कर सकते तो इसे दोबारा ट्वीट करें।'

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    MS Dhoni Net Practice: Social Media Reaction On Mahendra Singh Dhoni Net Practice at JSCA Stadium In Ranchi

  • त्राटक से बढ़ती है एकाग्रता, इस क्रिया में किसी एक चीज को लगातार देखते हैं

    जीवन मंत्र डेस्क। किसी भी पूजा-पाठ या काम में सफलता के लिए एकाग्रता बहुत जरूरी है। अगर किसी पूजा में मन इधर-उधर भटकता है, एकाग्रता नहीं रहती है तो पूजा सफल नहीं हो पाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार एकाग्रता बढ़ाने के लिए त्राटक करना चाहिए। ये एक ऐसी क्रिया है, जिसमें लगातार किसी एक चीज को देखना होता है। त्राटक कई प्रकार से किया जा सकता है। त्राटक क्रिया 2 या 3 मिनट से शुरू करनी चाहिए और धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाना चाहिए। इसे करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह भी अवश्य लेनी चाहिए। यहां जानिए त्राटक की कुछ खास विधियां...

    • बिंदू त्राटक

    इस क्रिया में किसी एक ड्राइंग बोर्ड पर या दीवार बिंदू लगाया जाता है और उस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

    • दीपक त्राटक

    दीपक त्राटक में घी या तेल का दीपक जलाकर उसकी लौ पर ध्यान लगाने की कोशिश की जाती है। ये अभ्यास लगातार करने से एकाग्रता बढ़ने लगती है। ये क्रिया मोमबत्ती जलाकर भी की जा सकती है।

    • मूर्ति त्राटक

    किसी देवी-देवता की मूर्ति को देखकर भी त्राटक किया जाता है। इस क्रिया में मूर्ति या चित्र को चरणों से लेकर सिर तक निहारते रहना होता है। फिर धीरे-धीरे अपनी नजर भगवान के किसी एक अंग पर स्थित कर देनी होती है।

    • चंद्रमा त्राटक

    चंद्रमा त्राटक में चंद्र को एकटक देखना होता है। रोज चंद्र उदय के बाद ये क्रिया की जाती है। ऐसा करने से एकाग्रता के साथ ही स्वभाव में शीतलता भी आती है।

    • दूर त्राटक

    पुराने समय में ऋषि-मुनि इसी तरह का त्राटक किया करते थे। वे दूर किसी पेड़-पौधे या पहाड़ पर अपना ध्यान क्रेद्रित करते थे। इसी से वे समाधी की अवस्था प्राप्त करते थे।



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