Last Updated: 21 Apr 2019 09:46 AM

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  • शादी के 48 घंटे में ही तलाक की नौबत पर आ गया दूल्हा-दुल्हन का रिश्ता, दूल्हा बोला- जरा सी बात को उसने दिल पर ले लिया और वो आपा खो बैठी, हमारी बहुत बदनामी हुई है, अब मुझे उसके साथ नहीं रहना, तलाक ही चाहिए

    अहमदाबाद (गुजरात)।यहां लड़का-लड़की को टिकटॉक पर प्रेम हुआ-परिणय सूत्र में बंध गए। फेरे लेने के 48 घंटे में ही ये नव विवाहित दंपत्ति तलाक के मुहाने पर पहुंच गया है। दिलचस्प बात ये है कि अभी इस जोड़े का मैरिज सर्टिफिकेट भी नहीं आया है-जोड़ा तलाक के लिए झगड़ रहा है। ये जोड़ा नौ महीने पहले टिकटॉक पर संपर्क में आया था।

    फोन नहीं उठाया वह धीरज खो बैठी-हम अब थाने में: विवाह विच्छेद की मांग की वजह बताते हुए दूल्हे राजा का कहना है कि- मैं उसका फोन नहीं उठा पाया। बस इतनें उसका धीरज टूट गया। आपा खो बैठी। मुझे पुलिस थाने आना पड़ा है। इस सब से सोसायटी में हमारी बहुत बदनामी हुई है। अब मुझे विवाह संबंध रखना ही नहीं है। तलाक ही चाहिए। हालांकि लड़की तलाक नहीं चाहती। न ही पुलिस में उसके खिलाफ शिकायत देने के लिए तैयार है। ऐसा कर उसने पति को विचार करने के लिए और मौका दिया है।

    नौ महीने पहले शुरुहुई थी यह लव स्टोरी
    मामला अहमदाबाद का है। इस प्रेम संबंध की शुरूआत नौ महीने पहले हुई थी। ब्यूटीशियन के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय लड़की शहर के ही अन्य इलाके के 21 वर्षीय युवक के संपर्क में आई। दोनों एक दूसरे को सोशल मीडिया के इस प्लेटफॉर्म पर फॉलो करने लगे। चैटिंग करते हुए संपर्क नंबर एक्सचेंज किए। 19 नवंबर 2018 को लड़की का जन्मदिन था। इसी दिन लड़के ने उसके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा। परिवारजनों को बताए बिना दोनों ने 17 अप्रैल 2019 को विवाह कर लिया। एक वकील के माध्यम से विवाह पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया भी की। विवाह के बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। लड़का इसके बाद लड़की को मैसेज अथवा फोन नहीं करता था। शुक्रवार को महिला ने महिला हैल्पलाइन 181 पर फोन कर मदद मांगी। महिला हैल्पलाइन की टीम ने दोनों को बुलाया-समझाइश दी। लड़का लड़की को तलाक देने की जिद पर अड़ा था। लड़की ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थी।




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    Ahmedabad Gujarat News in Hindi: groom bride relation divorce after 48 hours of marriage 

  • दुष्कर्म का आरोपी नारायण सांई सूरत की अदालत में पेश

    सूरत. जहांगीरपुरा स्थित आश्रम में साधिका से दुष्कर्म मामले में फंसे और केस को कमजोर करने के लिए सरकारी अधिकारियों को करोड़ों की रिश्वत देने के मामले में नारायण सांई को शुक्रवार को सेशन कोर्ट में पेश किया गया।


    अगली सुनवाई 26 अप्रैल को
    जहांगीरपुरा स्थित आश्रम में साधिका के साथ दुष्कर्म मामले में सुनवाई पूर्ण होने के बाद शुक्रवार को सूरत सेशंस कोर्ट में नारायण सांई को पेश किया गया। उन पर आरोप है कि दुष्कर्म केस को कमजोर करने के लिए उसने सरकारी अधिकारियों को करोड़ों की रिश्वत देने का प्रयास किया था। इसी रिश्वत मामले की शुक्रवार को सुनवाई थी। काेर्ट ने अगली सुनवाई 26 अप्रैल मुकर्रर की है।


    रिश्वत मामले का फैसला आने वाला है
    उल्लेखनीय है कि नारायण सांई के इस मामले में सभी गवाहों के बयान ले लिए गए हैं। अब इसका फैसला आना बाकी है। जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



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    बयान देने से इंकार करते हुए नारायण सांई

  • जातिवाद से त्रस्त युवक ने खुद को नास्तिक बताने के लिए हाईकोर्ट में दायर की याचिका

    अहमदाबाद. देश में जातिवाद से तंग आकर युवक ने खुद को नास्तिक घोषित करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और जिला कलेक्टर को नाेटिस दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।


    कलेक्टर ने अर्जी खारिज की
    रिक्शा चालक आवेदक राजवीर उपाध्याय ने हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमिटी के माध्यम से एडवोकेट से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके अनुसार वह एस.सी. केटेगरी में गरोड़ा ब्राह्मण है। इस समय वह देश और राज्य में फैले जातिवाद से दु:खी है। इसलिए वह चाहता है कि वह अपना धर्म बदलकर हिंदू से धर्म निरपेक्ष हो जाए। संविधान की धारा 25-26 के तहत देश के सभी नागरिकों को धर्म चयन करने का अधिकार है। यदि कानून धर्म निरपेक्ष या नास्तिक के रूप में उसे धर्म बदलने का अधिकार नहीं देता, तो वह कानूनी प्रावधान के खिलाफ है।


    एडवोकेट हार्दिक शाह का मत
    आवेदन के एडवोकेट हार्दिक शाह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि 19 अक्टूबर 2015 को अपना धर्म बदलने के लिए मेरे मुवक्किल राजवीर उपाध्याय ने कलेक्टर को आवेदन दिया था, जिस पर कलेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया, इसके बाद दूसरी अर्जी दी, जिसे कलेक्टर ने 16 मई 2017 को खारिज कर दिया।


    कलेक्टर ने कहा था-कोई प्रावधान नहीं है
    आवेदन राजवीर की अर्जी को खारिज करते हुए कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया था कि गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 2003 और द गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलीजन रूल्स 2008 में कोई भी नागरिक अपना धर्म बदल सकता है। उसमें नास्तिक धर्म या धर्म निरपेक्ष होने का कोई प्रावधान नहीं है।



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    प्रतीकात्मक तस्वीर

  • वंथली में भाजपा कार्यकर्ता से विवाद के बाद रेशमा पटेल पर हमला

    वंथली. पोरबंदर लोकसभा सीट पर निर्दलीय और माणावदर एनसीपी की उम्मीदवार रेशमा पटेल पर हमला होने की खबर है। गुरुवार की शाम को जब वह प्रचार के लिए निकली थी, इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता से उनका विवाद हो गया। इस दौरान उन पर हमला हो गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस मामले पर अभी तक पुलिस में रिपोर्ट नहीं की गई है।

    प्रचार के लिए वंथली गईं थी रेशमा
    जूनागढ लोकसभा और माणावदर विधानसभा सीट के उपचुनाव को मात्र कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में गुरुवार को रेशमा पटेल अपने समर्थकों के साथ वंथली के वार्ड नम्बर 1 में चुनाव प्रचार के लिए निकली थीं। इस दौरान उसी वार्ड के भाजपा कार्यकर्ता दीपक वडालिया से विवाद हो गया। इसी बीच रेशमा पर किसी ने हमला कर दिया। इससे उन्हें शारीरिक चोट पहुंची है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।



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    अस्पताल में भर्ती रेशमा पटेल

  • 33 साल के बाद बच्चा पैदा करने की समस्या, 10 आईवीएफ सेंटर्स पर 10 हजार लोगों ने फ्रीज कराए स्पर्म

    सूरत. सूरत में स्पर्म फ्रीज कराने का चलन बढ़ रहा है। शहर के 10 आईवीएफ सेंटरों पर 10 हजार से अधिक स्पर्म फ्रीज किए जा चुके हैं। इस चलन को देखते हुए अब तक लगभग 40 आईवीएफ सेंटर खुल चुके हैं। स्पर्म फ्रीज कराने वालों में ज्यादातर कारोबार या नौकरी के कारण शहर या देश से बाहर जाने वाले अथवा किसी कारणवश लंबे समय पत्नी से दूर रहने वाले लोग हैं। आईवीएफ सेंटरों में ऐसे 3 प्रतिशत स्पर्म सैंपल फ्रीज हैं।

    कैंसर पीड़ितों के भी 0.5 प्रतिशत सैंपल फ्रीज हैं। नोवा ईवी फर्टिलिटी सेंटर की गायन्कोलॉजिस्ट और आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. मोना श्रॉफ ने बताया कि आज के समय में 30 या 33 साल के बाद लोगों में संतानोत्पत्ति की क्षमता घटती देखी जा रही है। पुरुषों के स्पर्म की क्वालिटी गिरने लगती है।

    जब संतान की चाह होती तब उपयोग में लाते हैं स्पर्म

    सूरत में बहुत से लोग शादी के बाद बाहर चले जाते हैं। ऐसे लोग स्पर्म फ्रीज करा रहे हैं। जब उन्हें लगता है कि अब संतान चाहिए तो इसका इस्तेमाल कर लेते हैं। हमारे यहां 700 से 800 स्पर्म सैंपल रखे गए हैं, इसमें 3 प्रतिशत ऐसे ही लोगों के हैं। इसी तरह कैंसर पीड़ित मरीज को बाद में कुछ हुआ तो संतान पैदा करने की समस्या नहीं आएगी।

    लाइफ टाइम फ्रीज करा सकते हैं स्पर्म, छह माह के लिए 1000, दो साल के लिए 1500 रुपए लगते हैं
    आईवीएफ सेंटर में स्पर्म लाइफ टाइम के लिए फ्रीज कराया जा सकता है। कई मामलों में इस्तेमाल के बाद इन्हें खत्म कर दिया जाता है। फ्रीज के लिए दो से चार सैंपल लिए जाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि छह महीने से दो साल फ्रीज करने पर स्पर्म में कोई परिवर्तन नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक रखने पर धीरे-धीरे डीएनए में परिवर्तन होने लगता है।

    डॉक्टर्स ने कहा-इलाज से सुधार दी जाती है स्पर्म की क्वालिटी
    डॉक्टर्सका कहना है कि ऐसा देखा जा रहा है कि 100 लोगों में से लगभग 10 लोगों को संतान उत्पन्न करने में समस्या हो रही है। ऐसे लोग आईवीएफ सेंटर पर जाते हैं। ज्यादातर केस में स्पर्म क्वालिटी की समस्या आती है। इलाज के जरिए इसे सुधार दिया जाता है। भविष्य में संतान उत्पन्न करने की समस्या नहीं हो, इसलिए लोग स्पर्म फ्रीज करा रहे हैं।



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    After 33 years people are having freeze sperm after the problem of childbirth

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